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17 हजार भवनों को ध्वस्त करेगा जीडीए : बिना नक्शा पास कराए हुआ था निर्माण, 35 पर हो चुकी है कार्रवाई

बिना नक्शा पास कराए हुआ था निर्माण, 35 पर हो चुकी है कार्रवाई
UPT | गोरखपुर विकास प्राधिकरण।

Apr 04, 2024 16:48

जीडीए वीसी आनंदवर्द्धन ने पदभार ग्रहण करने के बाद ऐसे भवनों को लेकर सख्ती शुरू कर दी थी। बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण कराने वालों पर प्राधिकरण के प्रवर्तन दल ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर उन्हें सील करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी थी।

Apr 04, 2024 16:48

Gorakhpur News : गोरखपुर में 17 हजार भवनों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटकने लगी है। इन भवनों का निर्माण बिना नक्शा पास कराए कराया गया था। हाईकोर्ट ने एक आदेश में कंपाउंडिंग की प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। इसके बाद इन भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने में जीडीए जूट गया है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने पहले ही शहर में बिना नक्शा के बने कॉमर्शियल और आवासीय भवनों को चिह्नित कर ध्वस्तीकरण का नोटिस दे दिया है। साथ ही पिछले 6 महीने में ऐसे 35 भवनों को ध्वस्त भी किया जा चुका है। अब बाकी बचे भवन के मालिकों को भी हाईकोर्ट के इस आदेश से झटका लगेगा।

जीडीए वीसी ने शुरू की सख्ती
जीडीए वीसी आनंदवर्द्धन ने पदभार ग्रहण करने के बाद ऐसे भवनों को लेकर सख्ती शुरू कर दी थी। बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण कराने वालों पर प्राधिकरण के प्रवर्तन दल ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर उन्हें सील करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी थी। इस दौरान अलग-अलग इकाइयों की ओर से शहर में कुल 23,595 भवनों को चिह्नित किया गया था, जिन्होंने कंपाउंडिंग नियमों को दरकिनार कर अपने भवन के निर्माण करवाए थे।

इतने भवन स्वामियों को जारी किया नोटिस
जीडीए ने इनमें से साढ़े 5 हजार भवन स्वामियों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। चूंकि इसमें सभी को जारी नोटिस की समयावधि अलग-अलग है, ऐसे में अभी इन्हें लेकर कोई फैसला नहीं हो सका है। करीब 17,500 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश जीडीए की ओर से पहले ही जारी किया जा चुका है। कार्रवाई की जद में आने वाले भवन मालिकों ने अपने आवेदन देकर या अन्य वाद दाखिल किए गए थे, लेकिन इन्हें भी अस्वीकार कर दिया गया है।

क्या कहा जीडीए वीसी ने
जीडीए वीसी आनंद वर्धन ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार न्यायालय के आदेशों का पालन करवाया जाएगा। जीडीए ने तो पहले से ही ऐसे भवनों की लिस्ट तैयार कर उन्हें नोटिस भी भेज दिया था। नए नियमों के तहत अब कंपाउंडिंग नहीं हो सकेगी। शासन स्तर से अलग-अलग बिंदुओं पर दिशा- निर्देश आएंगे। अगर कंपाउंडिंग के लिए आवेदन आए होंगे तो उनकी जांच करवाई जाएगी। जीडीए अवैध तरीकों से हुए निर्माण पर सख्ती से कार्रवाई करेगा। जीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक किसी आवासीय या कॉमर्शियल बिल्डिंग की कंपाउंडिंग की जाती है तो उसमें अतिरिक्त फायदा लेकर अवैध बिल्डिंग में 25 फीसदी हिस्से की कंपाउंडिंग कर दी जाती है। भवन मालिक से 75 फीसदी हिस्सा तोड़ने का शपथपत्र लिया जाता है, जिसमें लिखा होता है- 'टू बी डिस्मेंटल'। इस खेल में प्राधिकरण के कर्मचारियों की मिलीभगत भी होती है। तभी अवैध बिल्डिंग की कंपाउंडिंग संभव होती है, जबकि नियमानुसार अवैध भवन के 75 फीसदी हिस्से को तोड़ना जरूरी है। इस हिस्से के टूटने की वीडियो और फोटोग्राफी कराने का भी प्रावधान है। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही कंपाउंडिंग होनी चाहिए।
 

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