बस्ती। जिले में तीन दिन से लगातार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बाधित कर दिया है। रात-दिन बारिश के चलते लोग अधिकतर घरों में रहे और कई जगह आवागमन प्रभावित रहा।
बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी धान, गन्ना और दलहनी फसलें जमीन पर गिर गई हैं। जिले में कुल तीन दिनों में करीब 150 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कई क्षेत्रों में जलभराव से फसल खराब होने और उत्पादन गिरने की चिंता बढ़ गई है।
फसलों का नुकसान और सर्वे
जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबूराम मौर्य ने बताया कि दलहनी फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि धान की जो फसल अभी गिरी है, उसे एक-दो दिन में बहुत ज्यादा नुकसान नहीं होगा, लेकिन पानी लंबे समय तक भरा रहा तो पैदावार प्रभावित हो सकती है और फसल सड़ सकती है।
उन्होंने बताया कि इस बार जिले में 1.31 लाख हेक्टेयर में धान समेत कुल 1.47 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की फसल बोई गई है। नुकसान का आकलन करने के लिए टीमों का गठन कर सर्वे शुरू कर दिया गया है।
गांवों और शहरों में पेड़, बिजली के पोल और तार तेज हवा के कारण गिर गए हैं। टीनशेड और दीवारें गिरने की भी सूचना मिली है जिससे कई रास्ते बाधित हुए और लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
किसान क्या करें
जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल का बीमा कराया है, वे 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर फसल नुकसान की सूचना दे सकते हैं। कंपनी के प्रतिनिधि नुकसान का सर्वे कर नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करेंगे। जिले में इस बार करीब 55 हजार किसानों ने फसल बीमा कराया है।
“बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए टीमें लगाई गई हैं। फसल क्षति के साथ मकान और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान का भी सर्वे कराया जा रहा है।” – ज्ञानचंद, एडीएम, बस्ती।
जिला प्रशासन और कृषि विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही हैं। जो किसान सहायता या सर्वे से जुड़ी जानकारी चाहते हैं, वे संबंधित विभागों से संपर्क कर सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

