बलरामपुर। तेज हवाओं और भारी बारिश के चलते शनिवार को जिले में व्यापक बिजली संकट पैदा हो गया। जिला मुख्यालय समेत लगभग 500 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और जनजीवन प्रभावित हुआ।
विभागीय जानकारी के अनुसार प्रदेश में करीब 470 पोल गिर गए, 130 स्थानों पर तार टूटे और 45 ट्रांसफार्मर खराब हुए। जिला मुख्यालय पर सुबह तीन बजे से शाम छह बजे तक बिजली कट रही। नगर और आसपास के कई इलाकों में पेड़ गिरने से पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए।
कहां-कहां बिजली बंद रही
भगवतीगंज, पहलवारा, खमौवा, उतरौला और तुलसीपुर मार्ग पर सबसे अधिक नुकसान हुआ। अचलापुर, स्पोर्ट्स स्टेडियम, सुआव पुल और आनंदबाग के पास भी पोल गिरने से आपूर्ति बंद करनी पड़ी। नगर के कई विद्युत उपकेंद्रों से करीब 20 घंटे बिजली बंद रहने से पूरा शहर अंधेरे में रहा।
महाराजगंज तराई के हरैया फीडर से 36 घंटे से आपूर्ति बाधित है और आसपास के बदलपुर, उदईपुर, छतुवापुर, नेवासपुर, दुदुरा, खैरी-खैरा, जयशनडीह व अन्य करीब 30 गांवों में बिजली नहीं है। श्रीदत्तगंज क्षेत्र के जिगना उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में तीन दिनों से बिजली ठप बताई जा रही है।
उपभोक्ताओं ने कहा कि बिजली कटने से पानी की मोटर काम नहीं कर रही और मोबाइल चार्ज न होने से संपर्क भी मुश्किल हो रहा है। नगर के संतोष, सोनू, मनोज, योगेश और रविंद्र ने बताया कि लंबे समय तक बिजली न आने से घरों में समस्या बनी रही। कई गांवों में इन्वर्टर डिस्चार्ज होने से स्थिति और कठिन हो गई है।
जेई दयाराम ने कहा, “33 केवी लाइन में ब्रेकडाउन है। पेट्रोलिंग कराई जा रही है। जल्द ही आपूर्ति शुरू की जाएगी।” विभाग की टीमों और ठेकेदार के कर्मचारी मरम्मत कार्य में लगे हैं। अधिकारी बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बहाल करने में दो से तीन दिन लग सकते हैं।
आगे क्या होगा
विभाग की टीमें प्रभावित स्थानों पर पेड़ हटाने और टूटे पोल बदलने का काम कर रही हैं। लोगों से अपील है कि मरम्मत के समय बिजली के पास न जाएं और किसी समस्या की सूचना संबंधित विद्युत केंद्र को दें। देर शाम तक नगरीय उपकेंद्र से आपूर्ति शुरू करने की उम्मीद जताई गई है।
स्रोत: अमर उजाला

