बसपा सुप्रीमो ने कहा कि फर्जी वोट को लेकर निर्वाचन आयोग कोई कदम उठाए। उन्होंने कहा कि यूपी के उपचुनाव के जो नतीजे आए हैं, यह लोगों में आम चर्चा है कि ईवीएम के जरिये फर्जी वोट डाले जा रहे हैं। मायावती ने कहा कि जब तक निर्वाचन आयोग फर्जी वोट रोकने के लिये कोई कार्रवाई नहीं करेगा तब तक बसपा उपचुनाव नहीं लड़ेगी।
बसपा अब नहीं लड़ेगी उपचुनाव : मायावती का बड़ा ऐलान, ईवीएम से फर्जी वोटिंग का आरोप, चंद्रशेखर पर किया कटाक्ष
Nov 24, 2024 12:59
Nov 24, 2024 12:59
ईवीएम के जरिये डाले जा रहे फर्जी वोट
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि फर्जी वोट को लेकर निर्वाचन आयोग कोई कदम उठाए। उन्होंने कहा कि यूपी के उपचुनाव के जो नतीजे आए हैं, यह लोगों में आम चर्चा है कि ईवीएम के जरिये फर्जी वोट डाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले देश में बैलट पेपर के जरिए चुनाव कराए जाते थे। इसमें चुनाव जीतने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर फर्जी वोट डाले जाते थे। अब तो ईवीएम के जरिए भी ये कार्य किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बड़े दुख और चिंता की बात है। इतना ही नहीं बल्कि देश में लोकसभा और राज्यों में विधानसभा आम चुनाव और खासकर उपचुनाव में तो ये कार्य खुलकर किया जा रहा है और ये सब हमें हाल ही में हुए यूपी उपचुनाव में देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी इसको लेकर आवाजें उठी हैं। अपने देश में यह लोकतंत्र के लिए बहुत बड़े खतरे की घंटी है। मायावती ने कहा कि इसलिए जब तक निर्वाचन आयोग फर्जी वोट रोकने के लिये कोई कार्रवाई नहीं करेगा तब तक बसपा उपचुनाव नहीं लड़ेगी।
दलित के नाम पर बने दल काट रहे वोट
मायावती ने दलित समाज से निकले छोटे दलों को भी निशाना बनाया। उन्होंने दलित मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि इनको वोट न दें। यह दूसरे दलों की तरफ से बनाई गईं पार्टियां हैं। मायवती ने आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि उपचुनाव में हमें दिखा कि कुछ दलित के नाम पर बने दल वोट काट रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा को जातिवादी पार्टी बताया। मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2007 में बसपा की अकेले ही पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद से कांग्रेस, भाजपा सहित सभी जातिवादी पार्टियां यह सोचकर काफी घबराने लगी थीं कि यदि बसपा केंद्र की सत्ता में आ गई तो फिर बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और उनके अनुयायी रहे कांशीराम का अधूरा रह गया सपना जरूर साकार हो जाएगा।
बसपा के खिलाफ साजिश, कमजोर करने को रचा जा रहा ऐसा षड्यंत्र
मायावती ने कहा कि इसे रोकने के लिए जातिवादी दल कांग्रेस और भाजपा के लोगों ने अंदर ही अंदर आपस में मिलकर परदे के पीछे से खासकर दलित समाज में से बिकाऊ और स्वार्थी किस्म के लोगों के जरिए पार्टियां बनवा दी। उनको यह पार्टी अपने वोटरों के माध्यम से एक या दो सीट भी जीता देती हैं। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि वर्ष 2007 के बाद से ऐसे दलों को चलाने और चुनाव लड़ने आदि पर पूरा ध्यान इन्हीं पार्टियों का लगता है। इन पार्टियों के लोग कई गाड़ियों को साथ में लेकर चलते हैं और अब तो यह हेलीकॉप्टर और प्लेन से भी चुनाव का दौरा करते हैं, ऐसे लोगों में आम चर्चा है।
विरोधी पार्टियां अपना खुद का वोट इसलिए करा रहीं ट्रांसफर
मायावती ने कहा कि जबकि हमारी पार्टी बसपा इसके लिए पार्टी के लोगों से, सदस्य आदि के जरिए अपना खर्च खुद उठाती है। उन्होंने कहा कि यहां यह भी गंभीरता से लेने की बात है कि यह विरोधी पार्टियों अपने राजनीतिक लाभ के लिए उनके हिसाब से उम्मीदवार खड़ी करवरकर बसपा को कमजोर करने की कोशिश में लगी हैं। इसके साथ ही उन बेकार और स्वार्थी लोगों को मजबूती देने के लिए विरोधी पार्टियां अपना खुद का वोट ट्रांसफर करवा कर ऐसे दलों के हर राज्य में एक दो एमपी, एमएलए को जीत दिलाने का काम कर रही हैं।
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