प्रोफेशनल्स का सनातन की ओर बढ़ता रुझान : महाकुंभ में दिखी युवाओं की आध्यात्मिक यात्रा, मॉडल से लेकर इंजीनियर तक पहुंचे संगम

महाकुंभ में दिखी युवाओं की आध्यात्मिक यात्रा, मॉडल से लेकर इंजीनियर तक पहुंचे संगम
UPT | युवाओं की आध्यात्मिक यात्रा

Jan 14, 2025 16:54

आईआईटी बॉम्बे के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के छात्र रहे इंजीनियर बाबा ने विज्ञान के जरिए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई से परिचित कराया...

Jan 14, 2025 16:54

Prayagraj News : मकर संक्रांति के पावन अवसर पर महाकुंभ 2025 में शामिल करोड़ों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। आजकल के युवा, जो अपने पेशेवर जीवन में व्यस्त हैं, उन्हें पुरानी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की ओर खिंचाव महसूस हो रहा है। यह रुझान दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है और अब वे ग्लैमर की दुनिया से निकलकर भारतीय अध्यात्म और संस्कृति से जुड़ने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। महाकुम्भ के अवसर पर ऐसे कई उदाहरण देखने को मिले। उत्तराखंड की एक युवती ने ग्लैमर इंडस्ट्री को छोड़कर स्वामी कैलाशानंद गिरि से दीक्षा ली, जबकि दूसरी ओर, आईआईटी बॉम्बे के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के छात्र रहे इंजीनियर बाबा ने विज्ञान के जरिए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई से परिचित कराया।

मॉडलिंग छोड़ साधना का मार्ग
उत्तराखंड निवासी हर्षा देश और विदेश में ग्लैमर इंडस्ट्री का हिस्सा रही हैं। उन्होंने महाकुम्भ में सनातन धर्म की दीक्षा ली। उन्होंने कहा, प्रोफेशनल लाइफ में दिखावे और आडंबर से भरी जिंदगी ने मुझे उबा दिया। मैंने महसूस किया कि वास्तविक सुख और शांति केवल सनातन धर्म की शरण में ही है। स्वामी कैलाशानंद गिरि से दीक्षा लेने के बाद मैंने जीवन का नया अर्थ समझा है।



इंजीनियर बाबा पहुंचे महाकुम्भ 
हरियाणा के मूल निवासी और आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र अभय सिंह को अब इंजीनियर बाबा के नाम से जाना जाता है। महाकुम्भ में श्रद्धालुओं को विज्ञान और अध्यात्म का अनोखा संगम समझा रहे हैं। बाबा जी ने एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी में अपने गहन ज्ञान का उपयोग करते हुए, कॉपी और डायग्राम के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन और अध्यात्म का महत्व समझाया। बाबा जी ने कहा, साइंस केवल भौतिक जगत को समझाने का माध्यम है, लेकिन इसका गहन अध्ययन हमें अध्यात्म की ओर ले जाता है। जो व्यक्ति जीवन को पूर्ण रूप से समझ लेता है, वह अंततः आध्यात्म की गोद में चला जाता है।

महाकुम्भ ने बढ़ाया सनातन धर्म का प्रभाव
महाकुम्भ में आए लाखों श्रद्धालु भारतीय संस्कृति और आध्यात्म की विविधता से परिचित हो रहे हैं। इंजीनियर बाबा जैसे लोग और ग्लैमर की दुनिया से आई युवती हर्षा का सनातन धर्म के प्रति झुकाव इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक जीवन शैली से ऊबकर लोग शांति और स्थायित्व की तलाश में भारतीय परंपराओं की ओर रुख कर रहे हैं। महाकुम्भ के इस आयोजन ने न केवल सनातन धर्म की महानता को प्रदर्शित किया, बल्कि प्रोफेशनल्स और युवाओं के जीवन में आध्यात्मिकता की आवश्यकता को भी उजागर किया। यह आयोजन आधुनिक और पारंपरिक मूल्यों के संगम का प्रतीक बनता जा रहा है।

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