औरैया। अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में 14 अगस्त को आई अचानक बाढ़ में लापता हुए सराय अमिलिया निवासी सेना के जवान विनोद यादव के पार्थिव अवशेष आज घर पहुंच गए। 26 सितंबर को डीएनए जांच के आधार पर उनकी पहचान की पुष्टि के बाद अस्थियां परिजनों को सौंपी गईं।
तलाशी और खोजबीन
हादसे के समय कैंप में सात जवान मौजूद थे। पानी के तेज बहाव में दो जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया था जबकि 5वीं ग्रेनेडियर में तैनात विनोद यादव समेत पांच जवान लापता हो गए थे। घटना के बाद सेना ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया लेकिन शुरुआती दिनों में सफलता नहीं मिल सकी।
खोजबीन में भारतीय सेना के साथ आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें भी शामिल रहीं। दुर्गम पहाड़ी इलाके और लगातार होने वाली बारिश के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बहुत चुनौतीपूर्ण रहा। सेना की एविएशन यूनिट की मदद से संभावित स्थानों पर भी खोजबीन की गई।
खोज के दौरान बरामद अवशेषों की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई गई। काफी इंतजार के बाद 26 सितंबर को मिली डीएनए रिपोर्ट में विनोद यादव की पहचान पक्की हुई और उसके बाद सेना ने उनकी अस्थियां परिजनों को सौंपीं।
अस्थियां घर पहुंचते ही परिवार का दर्द छलका। मां और परिजन फफक पड़े और आसपास के ग्रामीण भी भावुक हो उठे। परिवार ने बेटे की मौत की खबर सुनकर गहरा शोक जाहिर किया और अंतिम क्रिया के लिये तैयारी शुरू कर दी।
आगे की प्रक्रिया
परिवार अब सैन्य अपेक्षाओं और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के अनुसार अंतिम संस्कार की व्यवस्था कर रहा है। सेना और जिला प्रशासन ने परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। अभी आगे की औपचारिकताएं और रिपोर्टिंग संबंधित अधिकारियों द्वारा पूरी की जा रही हैं।
स्रोत: अमर उजाला
