बुढ़ाना(मुज़फ्फरनगर)। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रविवार को बुढ़ाना में सभा कर आरक्षण की लड़ाई तेज करने का ऐलान किया। समिति ने कहा कि 25 अक्तूबर को बुलंदशहर के नुमाइश मैदान में बड़ी रैली होगी।
सभा डीएवी इंटर कॉलेज बुढ़ाना के मैदान पर संपन्न हुई। राष्ट्रीय संयोजक यशपाल मलिक ने बताया कि समिति राजनीति नहीं करती, सिर्फ आरक्षण की लड़ाई लड़ेगी और प्रदेश के जाटों को केंद्र की ओबीसी की सूची में शामिल कराना उनका मकसद है। उन्होंने रैलियों और सम्मेलनों का शेड्यूल भी घोषित किया।
आगामी कार्यक्रम और रणनीति
समिति ने घोषणा की कि बुलंदशहर के बाद नवंबर के अंतिम सप्ताह में मथुरा में और दिसंबर में बिजनौर में सम्मेलन होंगे। वे वर्ष 2006 से 2014 तक अन्य संगठनों के साथ मिलकर ओबीसी सूची में जाटों को शामिल कराने का राष्ट्रव्यापी आंदोलन चला चुके हैं। संघ के नेताओं ने कहा कि पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
देश भर में जाट समुदाय के पांच हजार से ज्यादा संगठन होने का भी जिक्र सभा में किया गया। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह दहिया ने कहा कि वे जाटों को उनके अधिकारों के प्रति जागृत कर के आरक्षण दिलाने का काम करेंगे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी अलमास चौधरी ने बताया कि यह लड़ाई सभी धर्मों के जाटों के लिए है।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष जगतवीर सिंह और महासचिव बीरपाल राणा ने कहा कि जिलों में संगठन का पुनर्गठन किया जाएगा। अध्यक्षता बीएम अहलावत और संचालक बीरपाल राणा ने की। सभा में देवेंद्र अहलावत, सतीश नेहरा, राजकुमार, रोहताश, आलोक, चंद्रपाल, सतीश, बाबा चौधरी, विजय मलिक और योगेंद्र मौजूद रहे।
मंच पर तकरार
सभा के दौरान अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी दांतल और राष्ट्रीय संयोजक यशपाल मलिक के बीच कहासुनी हुई। मनु चौधरी दांतल ने मलिक की दिल्ली में पैर रखने की बात पर आपत्ति जताई और कुछ मिनट के विवाद के बाद मंच छोड़कर चले गए। इसके बाद उन्होंने कहा कि किसी भी गलत बात को दोहराना ठीक नहीं है और पुरानी गलतियों को दोहराना नहीं चाहिए।
आगे के कार्यक्रमों और रैलियों की तारीखों को लेकर समिति ने क्षेत्रीय इकाइयों से संपर्क करने और भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया है। बुलंदशहर की रैली में हिस्सा लेने वाले लोग अपने संबंधित जिलों से रैलियों की जानकारी समय पर ले लें।
स्रोत: अमर उजाला

