औरैया। चिचौली मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। अस्पताल की ओपीडी में अब रोजाना दो हजार से अधिक मरीज जांच व इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
बढ़ती संख्या के बीच अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी बढ़ाने के उपाय किए हैं। प्राचार्य डॉ. मुकेश वीर सिंह के निर्देश पर तीन वरिष्ठ डॉक्टरों को उप चिकित्सा अधीक्षक बनाया गया है ताकि अलग-अलग क्षेत्रों की देखरेख हो सके।
नए प्रभार और जिम्मेदारियां
डेंटिस्ट्री विभाग की सह आचार्य जूही यादव, ऑर्थोपेडिक के असिस्टेंट प्रोफेसर मायाशंकर और बाल रोग विभागाध्यक्ष रंजीत सिंह कुशवाहा को अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रत्येक अधिकारी को अलग- अलग स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी करना होगी।
रंजीत सिंह कुशवाहा सीएमएस कार्यालय के प्रशासनिक कार्य देखेंगे और 100 शैया चिकित्सालय, स्टोर, मानव संसाधन व सुरक्षा का पर्यवेक्षण संभालेंगे। उनके दायरे में रोगियों के फीडबैक, शिकायत निस्तारण और भोजन की गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी शामिल है।
जूही यादव एमसीएच विंग में गायनी, बाल रोग, लेबर रूम और ओपीडी के संचालन की देखरेख करेंगी। उन्हें चिकित्सकों की उपलब्धता, संस्थागत प्रसव और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का काम दिया गया है।
मायाशंकर 300 बेड के नए चिकित्सालय के वार्डों, इमरजेंसी, ओटी व आईसीयू के प्रभारी रहेंगे। वे भर्ती मरीजों के उपचार, दवा- जांच की उपलब्धता और नर्सिंग स्टाफ के अनुशासन पर ध्यान देंगे।
आगे की तैयारी
मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था से इमरजेंसी, ओपीडी और वार्डों में चिकित्सकों की सतत उपलब्धता बनी रहेगी। दवा व जांच में विलंब कम होगा और शिकायतों का मौके पर समाधान संभव होगा।
रोजाना बड़ी तादाद में मरीज आने से अस्पताल को संसाधन और व्यवस्था दोनों पर लगातार काम करना होगा। स्थानीय मरीजों को बेहतर सेवा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

