ककोर। चिचौली स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में 28 सितंबर की बारिश ने अस्पताल की कमजोर तैयारियों को उजागर कर दिया। बारिश होते ही ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की केबल खराब हो गई और बिजली गुल हो जाने से मरीजों की सुरक्षा सवालों के घेरे में आ गई।
ओटी में बिजली जाने की वजह से जच्चा‑बच्चा ओटी दुरुस्त न होने के कारण प्रसूति से जुड़े कई ऑपरेशन सामान्य ओटी में ही करवाने पड़ रहे हैं। साथ ही जनरल वार्ड की छतों और दीवारों से पानी टपकने से फर्श जलमग्न हो गया, जिससे मरीज और तीमारदार दोनों परेशान हुए।
बिजली व मेडिकल सुविधाएं
प्राचार्य डॉ. मुकेशवीर सिंह ने बताया, “ओटी की खराब केबल मंगाई गई है। जल्द ही व्यवस्था सुचारू होने की उम्मीद है।” अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि निर्माण करने वाली कंपनी मरम्मत का काम शुरू कर चुकी है और लीकेज की समस्या जल्द दूर कर ली जाएगी।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था पर भी सोच रहा है। आवश्यकता पड़ने पर महिला अस्पताल भवन को खाली करा कर 300 बेड के अस्पताल में ओटी स्थानांतरित करने पर विचार किया जा रहा है।
- ओटी की खराब केबल मंगाई गई है।
- भवन निर्माण कंपनी ने मरम्मत काम शुरू कर दिया है।
- लीकेज की मरम्मत और ओटी की बहाली प्राथमिकता पर है।
- ज़रूरत होने पर महिला अस्पताल खाली कर 300‑बेड अस्पताल में ओटी स्थानांतरित करने पर विचार।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली और छत की समस्याओं से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है और तुंरत सुधारे जाने चाहिए। तीमारदारों ने मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से शीघ्र कदम उठाने की मांग की है।
आगे क्या होगा
अस्पताल प्रशासन ने मरम्मत पूरी होने तक सर्विस जारी रखने और आपातकालीन मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि केबल बदलने और लीकेज ठीक हो जाने पर नियमित ओटी संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

