आज़मगढ़। पुत्रों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना के लिए शनिवार को जिलेभर में जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) पर्व मनाया गया। महिलाओं ने परंपरा के अनुसार 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा और मंदिरों तथा घाटों पर पूजा-अर्चना की।
तांता और विधि-विधान
रानी की सराय क्षेत्र में भी व्रतियों का जमावड़ा रहा। अंबारी नगर पंचायत माहुल स्थित सिद्धपीठ काली चौरा मंदिर में दोपहर से श्रद्धालुओं का आना शुरू हुआ और शाम तक मंदिर परिसर लोगों से भरा हुआ था। अंबारी व दीदारगंज समेत आसपास के क्षेत्रों में भी महिलाएं विधि-विधान के साथ व्रत में शामिल रहीं।
मेजवा के फूलपुर स्थित कई मोहल्लों की महिलाएं भी निर्जला जीवित्पुत्रिका व्रत में शामिल रहीं। पूरे दिन व्रत रहने के बाद शाम को महिलाओं ने नए वस्त्र पहनकर मंदिरों में जाकर पुरोहित से कथा श्रवण किया और बच्चों की दीर्घायु के लिए आशीर्वाद लिया।
शीतला माता मंदिर पर आस्था
पवई में प्राचीन शीतला माता मंदिर पर भी व्रतीयों की भीड़ उमड़ी। शाम होते ही मंदिर परिसर में महिलाओं का पहुंचना बढ़ गया। व्रती महिलाएं पुष्प, धूप-दीप व पूजा सामग्री अर्पित कर पूजा-अर्चना की और जिउतिया व्रत की कथा सुनकर पुत्रों की लंबी عمر की कामना की।
सभी जगह महिलाओं ने पूजा के बाद आपसी मिलन और पारिवारिक रीति-रिवाज निभाए। कई स्थानों पर महिला समूहों ने एक साथ बैठकर अन्न-प्रसाद का भी आयोजन किया।
जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाके इस उत्सव में सक्रिय दिखे। अब व्रती महिलाएं अगले निर्धारित दिन पर उपवास खोलने व घरों में पारिवारिक अनुष्ठान संपन्न करने की तैयारी कर रही हैं।
स्रोत: अमर उजाला

