आज़मगढ़। मौसम के अचानक बदलने से दिन में भीषण गर्मी और रात में ठंड का अनुभव हो रहा है। इस बदलाव का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है और अस्पतालों में जुकाम, बुखार व वायरल संक्रमण के मरीज बढ़ गए हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार 250 मरीजों ने इलाज कराया। इनमें 100 से अधिक मरीज खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित थे। डॉक्टरों का कहना है कि दिन और रात के तापमान में तेज अंतर इन बीमारियों की मुख्य वजह है।
ऑपरेशन थमने के बावजूद रोगियों की भीड़
अमर शहीद राजा जय लाल सिंह सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी शुक्रवार को बंद रही, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुछ मरीजों ने डॉक्टर से उपचार लिया। स्वास्थ्य केंद्र में लगभग 60 मरीजों की ओपीडी देखी गई।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बदलते मौसम में जुकाम, बुखार, खांसी और गले में खराश के मरीज बढ़ गए हैं। स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. शिवाजी सिंह ने कहा कि इन दिनों वायरल और संक्रमण से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं और संख्या में वृद्धि हुई है।
मौसम विभाग (आईएमडी) के डेटा के अनुसार 30 सितंबर को न्यूनतम तापमान 23.2 और अधिकतम 32 डिग्री सेल्सियस रहा। एक अक्टूबर को न्यूनतम 23.6 और अधिकतम 33.2 दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में दो अक्टूबर शुक्रवार को न्यूनतम 24.2 और अधिकतम 33.6 डिग्री पर पहुंच गया। विभाग का अनुमान है कि पूरे सप्ताह दिन‑रात के तापमान में 10 से 12 डिग्री का अंतर बना रह सकता है।
रोगी और सावधानियाँ
मौसम में लगातार बदलाव के कारण अस्पतालों में वायरल और संक्रमण संबंधी मामलों की संख्या बढ़ने का डर है। स्वास्थ्यकर्मियों ने मच्छर से बचाव और साफ‑सफाई पर जोर दिया है क्योंकि बरसात के मौसम में डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। लोगों को खुद को गर्म रखने, समय पर उपचार कराने और भीड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

