आज़मगढ़। गौरा गांव में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की खराब हालत से मरीज और स्वास्थ्यकर्मी दोनों परेशान हैं। हालिया बारिश में अस्पताल की छत से कई जगह पानी टपकने लगा है, जिससे परिसर में जलभराव भी हो रहा है।
छत से टपकने वाले पानी को रोकने के लिए कर्मचारियों ने कई जगह बाल्टियां रखनी पड़ीं। फर्श पर पानी फैलने से फिसलन की स्थिति बन गई है और मरीजों के चलने‑फिरने में जोखिम बना रहता है। दवाइयों और अन्य स्वास्थ्य सामग्री को पनाह देने में भी मुश्किल आ रही है।
भवन की पुरानी हालत
सीएचसी का भवन वर्ष 2002 में लाखों रुपये की लागत से बना था और इसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने किया था। करीब दो दशक बाद छत में दरारें पड़ गई हैं। बारिश होते ही इन दरारों से पानी टपकने लगता है और समस्या तेज हो जाती है।
बाउंड्री दीवार भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होकर गिर चुकी है। इससे बाहर का पानी सीधे परिसर में पहुँच रहा है और जलभराव तथा गंदगी बढ़ रही है। दीवार टूटने से सुरक्षा की चिंता भी बढ़ गई है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. जैनेंद्र मिश्रा ने बताया कि जून में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिले के अधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारी के दौरे के समय भवन और बाउंड्री की समस्याओं से मौखिक रूप से अवगत कराया गया था। अधिकारियों ने समाधान का आश्वासन दिया था, पर मरम्मत का ठोस काम अभी तक नहीं हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों और बड़ों के लिए अस्पताल आना अब मुश्किल हो गया है। बरसात के दिनों में अस्पताल का कामकाज बाधित होता है और आपात स्थिति में ईलाज प्रभावित हो सकता है।
अब स्वास्थ्य विभाग से उम्मीद की जा रही है कि शीघ्र ही मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा और बाउंड्री दीवार का पुनर्निर्माण कर परिसर को सुरक्षित बनाया जाएगा। मरीजों और स्थानीय लोगों ने तात्कालिक समाधान हेतु प्रशासन से जल्द कदम उठाने की मांग की है।
स्रोत: अमर उजाला

