बदायूं। जरीफनगर के रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी बबलू सिंह की ओर से कोर्ट के आदेश पर तीन नामजद समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप है कि आरोपियों ने उसके सरकारी क्वार्टर में घुसकर तोड़फोड़ की और उसे धमकाया।
घटनाक्रम और आरोप
शिकायत में बताया गया है कि बबलू सिंह पूर्व में थाना जरीफनगर में तैनात थे और परिवार सहित फ्लैट नंबर 13 में रहते थे। आरोप है कि 4 जनवरी 2026 को उसकी गैरमौजूदगी में आरोपी अप्रेश, एडवोकेट के साथ अज्ञात लोगों के संग आए और ताला तोड़कर क्वार्टर में घुस गए। उन्होंने घर का सामान इधर-उधर फेंक दिया।
शिकायत के अनुसार 11 जनवरी 2026 को आरोपी फिर से क्वार्टर में घुसकर तोड़फोड़ की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। आरक्षी का आरोप है कि आरोपी नौकरी हड़पने की नीयत से मानसिक दबाव बनाकर वसूली करना चाहते थे तथा पुलिस व सीआरपीएफ में होने का रौब दिखाकर नौकरी से हटवाने व झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे थे।
नक्सान और धमकियों के चलते बबलू गंभीर अवसाद में चले गए। 14 फरवरी 2026 को उन्हें खून की उल्टी के बाद मेडिकल कॉलेज बदायूं तथा बाद में जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ में 31 मार्च तक भर्ती रखा गया। उन्होंने 12 जनवरी को जनसुनवाई पोर्टल और 22 मई को एसएसपी बदायूं को भी प्रार्थना पत्र दिया था।
आगे की कार्रवाई
तहरीर मिलने और कार्रवाई न होने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। नामजद आरोपियों में अप्रेश कुमार (बड़ा साला), योगेश कुमार (छोटा साला) निवासी बिरौली जगरासी, पीलीभीत और साढू राजकुमार निवासी ताजपुर शामिल हैं। कुल सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह ने कहा, “कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।” पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है और आगे की قانونی कार्रवाई उसी के आधार पर तय होगी। स्थानीय लोगों ने कहा कि वे मामले पर पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

