बागपत। जिले के सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसके कारण जिलेभर के आयुष्मान केंद्रों पर ताले लटक गए और मरीजों को प्रत्यक्ष इलाज नहीं मिला।
जिले में कुल 200 आयुष्मान केंद्र बनाए गए थे ताकि ग्रामीणों को सीएचसी व पीएचसी दूर न जाना पड़े। लेकिन सोमवार से सभी 200 केंद्र बंद दिखे और कई केंद्रों पर नोटिस चस्पा था कि हड़ताल के कारण केंद्र बंद रहेंगे। कई लोग सुबह दवा लेने पहुंचे तो ताला देखकर लौट गए।
मरीजों की परेशानी
बरसिया के राहुल को बुखार होने पर 10 किलोमीटर दूर पिलाना सीएचसी तक जाना पड़ा। बसौद के परवेज को बुखार के कारण चार किलोमीटर दूर डौला सीएचसी जाना पड़ा। बरसिया के मुकेश और महेश ने बताया कि सुबह 11 बजे वे आयुष्मान केंद्र पहुंचे तो ताला लटका मिला, फिर बाइक से 10 किलोमीटर चलकर पिलाना सीएचसी में दवाई ली।
गौरीपुर ज्वाहरनगर के शादाब सुबह साढ़े बजे आयुष्मान केंद्र पर पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था, जिसके बाद वह जिला अस्पताल गए। सिसाना गांव के अरविंद ने भी कहा कि केंद्र बंद होने के कारण सात किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाकर पेट दर्द की दवा ली।
प्रशासन की कार्रवाई
सीएमओ डॉ. तीरथलाल ने जिले के सभी सीएचसी अधीक्षकों को पत्र जारी कर कहा है कि सीएचओ को नोटिस दिए जाएँ और उनका वेतन रोका जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि नोटिस के बाद भी हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. तीरथलाल ने कहा, “सभी सीएचओ को नोटिस जारी किए गए हैं और उनका वेतन रोका जाएगा। इस तरह हड़ताल पर जाना ठीक नहीं है। मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।”
आगे क्या होगा
हड़ताल कर रहे सीएचओ अपनी मांगों में पीबीआई को मूल मानदेय में शामिल कर एकमुश्त भुगतान, 60 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय तथा 4800 ग्रेड पे के समान वेतनमान, पारदर्शी वार्षिक स्थानांतरण नीति और पृथक सीएचओ कैडर में नियमितीकरण का अनुरोध रख रहे हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नोटिस के बाद भी वापसी न हुई तो कड़ी कार्रवाई होगी।
स्रोत: अमर उजाला

