बागपत। 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से पहले रविवार को जिले की शाखाएँ खुलीं और ग्राहकों का जनाजा रहा। बैंक कर्मचारी काले कपड़े पहनकर बैंकिंग काउंटरों पर बैठे हुए थे ताकि आने वाली तीन दिन की हड़ताल से पहले लोग अपने जरूरी काम न रोके रहें।
रविवार को जिलेभर की बैंकों में करीब 60 करोड़ रुपये का लेनदेन दर्ज किया गया। इस दौरान बागपत के मेरठ रोड, बड़ौत रोड और दिल्ली रोड पर शाखाओं में भीड़ रही। जिले की करीब 90 से अधिक शाखाओं ने रविवार को सेवाएँ दीं ताकि 28 से 30 सितंबर के बीच होने वाली हड़ताल से पहले ग्राहकों की जरूरतें पूरी हो सकें।
कर्मचारियों की मांगें और विरोध
केनरा बैंक, मेरठ रोड शाखा में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। उन्होंने सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, पीएलआई और टीएलआई से जुड़ी मांगों का समाधान, लंबित मामलों का निस्तारण और अतिरिक्त कार्यभार कम करने की मांगें रखीं।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला संयोजक विक्रम सिंह आर्य ने कहा, “संगठन के आह्वान पर कर्मचारी तीन दिन तक हड़ताल पर रहेंगे। फाइव डे वर्किंग, पीएलआई समेत विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है। इन सभी मांगों को पूरा किया जाए। मांगों को जब तक पूरा नहीं किया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”
एलडीएम संतोष राठी ने बताया कि हड़ताल के दौरान नकदी की जरूरत पूरी करने के लिए सभी एटीएम में नकदी की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि ग्राहक एटीएम के साथ इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई से भी लेनदेन कर सकते हैं।
ग्राहक हड़ताल की खबर सुनकर पहले से ही नकदी निकालते दिखे। बागपत के मनीष ने बैंक जाकर 20 हजार रुपये निकाले ताकि तीन दिन में परेशानी न हो। काठा निवासी अंचल ने घरेलू कामों के लिए 15 हजार रुपये निकाले। व्यापारियों राजीव और विनोद ने भी दो दिन की बिक्री के पैसे खाते में जमा कराए, ताकि हड़ताल के दौरान जमा न होने की समस्या न हो।
आगे क्या होगा
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल 28 से 30 सितंबर तक निर्धारित है और उसके दौरान शाखाओं का संचालन प्रभावित रहेगा। ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि जरूरी नकदी और डिजिटल भुगतान विकल्पों का इस्तेमाल समय रहते सुनिश्चित कर लें।
स्रोत: अमर उजाला

