बड़ौत। निरपुड़ा गांव के किसान ब्रजेश राणा के निर्माणाधीन मकान में बृहस्पतिवार को सफाई कराते समय एक सांप निकला। ब्रजेश ने हाथ में दस्ताने पहनकर सांप को पकड़ने का प्रयास किया तो सांप ने उनकी अंगुली में डस लिया।
घायल को तुरंत बड़ौत के जिला अस्पताल लेकर जाया गया। वहां चिकित्सकों ने एंटी स्नेक वेनम की 10 वैक्सीन लगाई और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया। बताया गया है कि ब्रजेश पहले भी कई बार गांव से सांप पकड़कर जंगल में छोड़ते रहे हैं।
सांप पकड़ने का तरीका और गांव की समस्या
ब्रजेश के परिवार के सदस्य रक्षित राणा ने बताया कि उनके खेत और घर में अकसर सांप निकलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पिता ब्रजेश सांपों को मारते नहीं, बल्कि दस्ताने पहनकर पकड़कर जंगल में छोड़ देते हैं। रक्षित के अनुसार ब्रजेश अब तक करीब 100 सांप पकड़ चुके हैं क्योंकि गांव में हर पांच-छह दिन में सांप निकल आते हैं।
बता दें कि बृहस्पतिवार को मकान में रखे स्टार्टर के पीछे से सांप निकला। घटना के समय सफाई कराई जा रही थी और तभी यह घटना हुई। आसपास के लोग सांप को पकड़ने के लिए जुटे और बाद में घायल को अस्पताल पहुंचाया गया।
इसी दौरान हरदोई जिले के धर्मपुर गांव निवासी जमुना प्रसाद को भी बड़ौत में सांप ने डस लिया। उन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद अधिक उपचार के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शाहिद अली ने कहा कि सांप के डसने पर झाड़फूंक कराने वालों के पास जाकर समय बर्बाद करने के बजाय सरकारी अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम की वैक्सीन लगवानी चाहिए। उन्होंने समय पर वैक्सीन मिलने से मरीज सुरक्षित रहने पर जोर दिया।
स्थानीय लोग सलाह दे रहे हैं कि घर और आस‑पास की साफ‑सफाई पर ध्यान दिया जाए। खेतों के पास कूड़ा नहीं जमा होने दें और भवनों की दरारें बंद कराएं ताकि सांपों के घरों में प्रवेश की संभावना कम हो।
स्रोत: अमर उजाला

