बागपत। जिले के एक गांव में शुक्रवार शाम सीएचसी में जन्म लेने वाली नवजात बच्ची की शनिवार सुबह मौत हो गई। परिवार ने बच्चे को सीएचसी से छुट्टी कर घर ले जाकर रात में दूध पिलाया, सुबह हालत न बिगड़ने पर उसे CHC ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
माता रेनू ने बताया कि परिवार में पहले तीन बेटियां हैं, माही (7), परिधि (4) और जिया (3)। शुक्रवार शाम को चौथी बेटी का जन्म हुआ। रेनू ने कहा कि रात करीब 11 बजे और फिर तीन बजे उसने नवजात को दूध पिलाया और पंखे की हवा होने के कारण उसे चादर के नीचे सुलाकर सुला दिया था।
जांच व पोस्टमार्टम
सुबह करीब छह बजे रेनू जब जागी तो नवजात में कोई हलचल नहीं थी। परिवार के लोगों ने उसे उठाया और सीएचसी ले जाकर दिखाया, जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर प्राथमिक जांच शुरू कर दी।
पुलिस की जांच में नवजात के शरीर पर फिलहाल ऐसा कोई दिखाई देने वाला निशान नहीं मिला जिससे हत्या की पुष्टि हो। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम में मौत के कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा सुरक्षित कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है।
एसपी सूरज कुमार राय ने कहा, “नवजात बच्ची की मौत होने के कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत होने के कारण स्पष्ट नहीं हुए। इस मामले में जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस अब पोस्टमार्टम व प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई करेगी। जिले के ग्रामीण इलाके में यह घटना परिवार व पड़ोसियों में शोक और चिंता दोनों का कारण बनी है।
स्रोत: अमर उजाला

