बागपत। नवागत जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने बागपत की सेवा संभालते ही अपनी प्राथमिकताएं और कार्ययोजना स्पष्ट कर दी हैं। वे मीडिया से बातचीत में बोले कि उन्हें “इधर-उधर के बजाय उन्हें सीधी और स्पष्ट बात करना पसंद है।”
पटेल ने कहा, “मेरा विजन सिर्फ फाइलों में विकास दिखाना नहीं, बल्कि नागरिक जीवन को अधिक सहज, सुविधाजनक और आधुनिकता से परिपूर्ण बनाना है।” वे अपने लिये तीन स्तंभों पर आधारित योजना बताएंगे और इसी के अनुसार काम करेंगे।
कार्ययोजना के तीन स्तंभ
दिव्यांशु ने कहा, “मेरी कार्ययोजना तीन स्तंभों पर होगी, नवाचार, जनसहभागिता और सतत विकास।” उन्होंने बताया कि प्रशासन में नवाचार लाकर कई योजनाओं को तकनीक से जोड़ा जाएगा। पुराने तरीके से योजनाओं के क्रियान्वयन में बदलाव लाने पर जोर होगा।
बागपत को दिल्ली-एनसीआर के नजदीक होने का लाभ मिलना चाहिए, यह भी उन्होंने दोहराया। छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर बनाए जायेंगे, खासकर युवाओं के लिये। प्रशासन और स्थानीय निकायों के साथ तालमेल बनाकर विकास काम तेज किया जायेगा।
दिव्यांशु पटेल ने भ्रष्टाचार के प्रति स्पष्ट रुख अपनाने का भी संकेत दिया और कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति प्रभावी रहेगी। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर लागू करने पर फोकस रहेगा।
नए डीएम के परिचय में यह भी चर्चा रही कि वे पहले “पांच बजे वाले IAS” के नाम से चर्चित रहे हैं। अब बागपतवासी उनकी नीतियों और योजनाओं के जमीन पर असर देखने की उम्मीद कर रहे हैं। आगे क्या कदम उठाये जायेंगे, यह प्रशासन के अगले आदेश और योजनाओं के क्रियान्वयन से स्पष्ट होगा।
स्रोत: दैनिक जागरण

