बागपत। जिले की अदालत ने निवाड़ा गांव की इंद्रा कॉलोनी में हुए एक आत्महत्या मामले में अहम फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने हसीना के प्रेमी विनीत पाल की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
निवाड़ा की इंद्रा कॉलोनी निवासी हासिम ने जून माह में न्यायालय के आदेश पर बागपत कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि उनके बेटे साकिर और उसकी पत्नी हसीना के बीच फोन पर किसी अन्य युवक से बात करने को लेकर विवाद होता रहता था।
घटना का रिकॉर्ड और आरोप
शिकायत में आरोप है कि हसीना ने अपने पति साकिर को अपने प्रेमी विनीत पाल का नाम बताया। फिर घर में साकिर ने हसीना और विनीत को दबोच लिया था। विरोध होने पर दोनों ने साकिर की पिटाई की, और कुछ समय बाद साकिर ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
घटना के बाद बागपत कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई और मामले की जांच शुरू हुई। आरोपियों में शामिल विनीत पाल निवासी नंगलाताशी, जिला मेरठ को गिरफ्तार कर नौ सितंबर से जेल में रखा गया। विनीत ने जेल से जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अब न्यायालय ने खारिज कर दिया है।
न्यायालय ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए मुकदमे की गंभीरता और सबूतों को देखते हुए अग्रिम सुनवाई तक आरोपी की रिमांड बरकरार रखने का संकेत दिया है। अदालत ने मामले की जांच एजेंसी को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं ताकि सबूत जुटाकर अगली सुनवाई में पेश किया जा सके।
परिवार और गांव में घटना से शोक और रोष है। पड़ोसी और रिश्तेदार घटना के बाद से भावुक हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। आगे की सुनवाई की तिथि और जांच में हुई प्रगति के बारे में कोर्ट से अपडेट मिलने पर स्थानीय लोग जानकारी चाहते हैं।
पड़ोस के लोग पुलिस और प्रशासन से जल्द निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अगली सुनवाई में दोनों पक्षों के बयान और सबूत पर अदालत निर्णय लेगी।
स्रोत: अमर उजाला

