बागपत। व्हाट्सएप पर केमिकल के ड्रम की तस्वीरें भेजकर और तय समय पर डिलीवरी का भरोसा दिलाकर देशभर के उद्यमियों से साइबर ठगी की शिकायतें मिलीं। हेड कांस्टेबल रविशंकर ने मामले में प्राथमिक जांच कर साइबर थाने में पिंकू व नीरू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
शिकायतों में बताया गया है कि शिकायतकर्ता सुब्रमनियन निवासी येरकोड कोटिचेडू जिला सलेम, तमिलनाडु ने इंडिया मार्ट पर केमिकल (पोटेशियम फॉस्फेट मोनोबेसिक क्रिस्टल) के लिए संपर्क किया था। नेशनल केमिकल इंडस्ट्री के सेल्स मैनेजर होने के बहाने व्हाट्सएप पर केमिकल के ड्रम की फोटो और इनवॉइस नंबर भेज कर उसने 66,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए, लेकिन माल नहीं मिला और पैसे वापस भी नहीं मिले।
अन्य शिकायतें और रकम
महाराष्ट्र के औरंगाबाद के शोएब खान ने चार हजार रुपये ऑनलाइन भेजे थे, पर माल नहीं पहुंचा। शिकायतकर्ता ईलू लेन्का ने बताया कि उसकी फर्म आईएनटी क्रिएशन की ओर से सिद्धिविनायक केमिकल के सेल्स मैनेजर राजीव वर्मा से संपर्क कर 38,960 रुपये ट्रांसफर कराए गए, पर सामान नहीं मिला। एनसीआरपी पोर्टल पर ईलू लेन्का और शुभम नरवाल समेत अन्य उद्यमियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।
जांच अधिकारी इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार ने बताया कि अब तक की पूछताछ और बैंक ट्रांजैक्शन से पिंकू और नीरू की भूमिका सामने आई है। शिकायतों में कुल बैठक दिखाई गई रकम 1,08,960 रुपये के आस-पास बनती है, जिनका भुगतान बागपत के बैंक खातों में आया।
पांच-छह दिन की जांच के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। बताया गया है कि पिंकू मूलत: डौला गांव का निवासी है और उसकी महिला परिचित नीरू शाहदरा, दिल्ली की रहने वाली है। पिंकू वर्तमान में हयान एंक्लेव लोनी, जिला गाजियाबाद में रह रहा है।
पुलिस ने कहा है कि बैंक खातों और डिजिटल ट्रैसिंग के आधार पर आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और ठगी की राशि की वसूली के प्रयास होंगे। जो लोग इसी तरह के लेनदेन कर रहे हैं वे सतर्क रहें और भुगतान से पहले विक्रेता की पुष्टि करें।
स्रोत: अमर उजाला

