बलरामपुर। लगातार बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा है और तटवर्ती इलाकों में कटान तेज हो गया है। सदर तहसील के जमालीजोत में शुक्रवार रात तेज कटान हुआ और नदी आबादी से महज 20 फीट दूर पहुँच गई।
ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार तक नदी कटान वाले स्थान से करीब 30 फीट दूर थी, लेकिन रात में अचानक कटान बढ़ गया। कई घरों और नदी के बीच अब बहुत कम दूरी बची है और सड़क भी कटान की जद में आ गई है।
किसानों और जमीन पर असर
जंबलीजोत के अलावा जबदहा में कटान से अब तक 250 बीघे से अधिक कृषि भूमि और फसल नदी में समा चुकी है। ग्रामीण पदुमनाथ पांडेय, सत्यदेव तिवारी, प्रभुनाथ और मालिक राम ने बताया कि यहाँ 20 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं।
स्थानीय लोग बताते हैं कि कटान करीब एक माह से शुरू था और उन्होंने प्रशासन से कटानरोधी कार्य कराने की मांग की थी, लेकिन अभी तक प्रभावी काम नहीं हो सका। कल्याणपुर, टेंगनहिया, गुलामपुरवा और महंतपुरवा समेत कई गांव भी कटान की मार झेल रहे हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व संदीप केला ने कहा, “लेखपालों और बाढ़ खंड के अधिकारियों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। कटान रोकने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।” प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों की निगरानी तेज कर दी है।
ग्रामीणों को आशंका है कि कटान की रफ्तार नहीं थमी तो अगले कुछ दिनों में घरों पर भी खतरा मंडरा सकता है। लोग अपने परिवार और जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की तैयारी में हैं।
आगे क्या होगा: प्रशासन किस प्रकार की तात्कालिक बचाव और कटानरोधी कार्यवाही करता है, यह प्रभावित लोगों के लिए निर्णायक होगा। स्थानीय लोग भी पुरानी मांगों के अनुरूप ठोस कदम की अपेक्षा कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

