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बड़ी कार्रवाई : फनसिटी मालिक समेत 5 के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा, फर्जी रजिस्ट्री से करोड़ों की जमीन कब्जाने का आरोप

फनसिटी मालिक समेत 5 के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा, फर्जी रजिस्ट्री से करोड़ों की जमीन कब्जाने का आरोप
UPT | पुलिस मामले की जांच कर रही है।

May 17, 2024 01:11

नवाब साहब का अहाता सिविल लाइंस निवासी कमर अख्तर ने बताया कि इज्जतनगर के मठकमल नैनपुर में उनकी 54 हजार वर्ग मीटर पुश्तैनी जमीन थी। यह जमीन उनके नाना कुदरत उल्लाह ने उन्हें वसीयत और विरासत में दी थी।

May 17, 2024 01:11

Bareilly News (Sajid Raza Khan) : फनसिटी मालिक और बरेली के बड़े रियल एस्टेट कारोबारी अनिल अग्रवाल समेत पांच के खिलाफ मठकमल नैनपुर में करोड़ों रुपये की कीमत की 54 हजार वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा करने, फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने व तोड़फोड़ करने के आरोप में इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। असलहों से लैस दबंगों ने वहां 50 साल पुराने भवन को तोड़कर निर्माण कराना शुरू कर दिया है। 

नाना से मिली जमीन पर कब्जा कर रहे बरेली के बड़े बिल्डर 
नवाब साहब का अहाता सिविल लाइंस निवासी कमर अख्तर ने बताया कि इज्जतनगर के मठकमल नैनपुर में उनकी 54 हजार वर्ग मीटर पुश्तैनी जमीन थी। यह जमीन उनके नाना कुदरत उल्लाह ने उन्हें वसीयत और विरासत में दी थी। 1978 में जमीन कमर अख्तर के नाम पर आ गई थी। उस जमीन को लेकर कमर अख्तर के भाई आफताब अहमद, मोहम्मद तैयब, सईद अहमद ने 1992 में एक मुकदमा दायर किया। इसमें उन्होंने कहा कि नाना से मिली जमीन के वह भी वारिस हैं। उन्हें भी बराबर का हिस्सा दिया जाए।

2003 में भाइयों के हक में हो गया था फैसला
कमर अख्तर ने मीडिया को बताया कि 2003 में एसडीएम कोर्ट से आदेश जारी हो गया कि नाना से मिली 54000 वर्ग मीटर संपत्ति को चार हिस्सों में बांट दिया जाए। इसमें आधे से ज्यादा प्रॉपर्टी करीब आठ नंबर वसीयत में कमर अख्तर के नाम पर आ गई थी। आधी से कुछ कम तीन नंबर में से प्रॉपर्टी को विरासत के तौर पर चारों भाइयों के नाम दर्ज करने का आदेश हो गया। इसके विरोध में कमर अख्तर 2004 में मंडलायुक्त कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने एसडीएम के आदेश को निरस्त कर दिया। जिसमें एसडीएम ने चारों भाइयों को बराबर की संपत्ति देने का आदेश दिया था। इसके बाद प्रापर्टी फिर कमर अख्तर के नाम पर आ गई।

फर्जी दस्तावेज तैयार कर अनिल अग्रवाल ने कराई रजिस्ट्री
कमर अख्तर का कहना है कि शहर के डीडीपुरम निवासी अनिल अग्रवाल की कंपनी अग्रवाल इंफ्रा के नाम से वह अपने काले कारनामों को अंजाम देते हैं। जमीन की खरीद फरोख्त करते हैं। अनिल अग्रवाल ने उनसे कहा कि वह उनकी प्रॉपर्टी खरीदने के लिए तैयार हैं। उनके भाइयों से विवाद निपटा देंगे। इसी झांसे में आकर कमर अख्तर ने 13 अगस्त 2015 को 2900 वर्ग मीटर जमीन की रजिस्ट्री अनिल अग्रवाल के नाम करवा दी। आरोप है कि उन्होंने फर्जी कागजात तैयार कर 2013 में अनिल अग्रवाल के मुख्त्यारे आम मनोज शुक्ला ने मोहम्मद तैय्यब, सईद अहमद और आफताब अहमद से 5.45 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री करवा ली, जबकि तीनों भाइयों का जमीन पर कोई मालिकाना हक नहीं था। कोर्ट उनका आदेश निरस्त कर चुका था।

2907 वर्ग मीटर की रजिस्ट्री कराई, 54000 वर्ग मीटर पर कर लिया कब्जा
कमर अख्तर ने बताया कि अनिल अग्रवाल ने जालसाजी के तहत 2907 वर्ग मीटर जमीन की रजिस्ट्री कराई। 54000 वर्ग मीटर पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने रजिस्ट्री के दस्तावेजों में हेर फेर किया। फर्जी कागजात तैयार कराए। भाइयों की मौत के बाद न्यायालय में उनके फर्जी दस्तख्त कर अपील दायर की, जबकि इसका एक मामला सिविल न्यायालय सीनियर डिवीजन में चल रहा है।

इसके बावजूद वह मौके पर 50 साल पुराने भवन को गिरा रहे हैं। खुर्द बुर्द कर वहां निर्माण करवा रहे हैं। इसकी जानकारी होने पर कमर अख्तर अपने बेटे के साथ वहां पहुंचे। दबंगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। हथियारों से लैस लोग जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर रहे हैं। इस मामले की शिकायत के बाद उसकी जांच पड़ताल की गई। जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद थाना इज्जतनगर में फनसिटी मालिक अनिल अग्रवाल, मनोज शुक्ला, तीन अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, साजिश रचने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, मारपीट, तोड़फोड़, अवैध कब्जा, बलवा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
 

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