नौगढ़/सकलडीहा। लेखपाल संघ के सदस्यों ने शनिवार को आठ सूत्री मांगों को लेकर तहसीलों में धरना दिया और अधिकारियों को चेतावनी दी कि मसलों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरनों के बाद संघ के पदाधिकारियों ने एसडीएम पवन कुमार यादव को ज्ञापन सौंपा।
पदाधिकारियों ने कहा कि कार्यवृत्त जारी होने के करीब 45 दिन बीत जाने के बावजूद मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। नाैगढ़ में धरने की अध्यक्षता लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष मनीष सिंह ने की, जबकि सकलडीहा में अध्यक्ष अरुण कुमार अवस्थी मौजूद रहे।
मुख्य मांगें और अर्जी
संघ ने अंतरमंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने, चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने और विभागीय परीक्षा के परिणाम व प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की मांग रखी है। अन्य मांगे स्टेशनरी, वाहन व विशेष भत्तों में वृद्धि और भूलेख कार्यालय व अन्य पटल से संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त करने की हैं।
संघ ने ग्राम सचिवालय की रोस्टर व्यवस्था समाप्त करने, प्रारंभिक वेतनमान में ग्रेड पे 2800 लागू करने तथा वेतन विसंगतियां दूर करने की भी मांग की है। साथ ही लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया है ताकि काम की गंभीरता और जिम्मेदारी के अनुरूप मान्यता मिल सके।
धरनों में मौजूद पदाधिकारियों के अनुसार आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लेखपाल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संघ ने बताया कि वरासत, नामांतरण, पैमाइश और राजस्व अभिलेखों के अद्यतन सहित आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों की जांच भी उनकी जिम्मेदारी है, पर चिंताओं के बावजूद मांगे नजरअंदाज की जा रही हैं।
आगे की कार्ययोजना
सकलडीहा तहसील अध्यक्ष अरुण कुमार अवस्थी ने आगे की रणनीति बताई कि 8 अक्टूबर से ऑनलाइन कार्य बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद 17 अक्टूबर से पांच दिवसीय धरना चलाया जाएगा और यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 24 अक्टूबर से लेखपाल कार्य बहिष्कार करेंगे। नाैगढ़ के धरने में संजय पासवान, संदीप, विनीत सहित बड़ी संख्या में लेखपाल शामिल रहे।
धरने में जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, वीरेंद्र कौशल, अरुण कुमार अवस्थी, विजय यादव, राजेश पासवान, अनिल कुमार और आलोक पांडेय भी मौजूद थे। अब स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ने की संभावना है और अगले दिनों अधिकारी संघ से वार्ता कर सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

