चित्रकूट। शनिवार को जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में साफ-सफाई की स्थिति देखकर समाजसेविका अर्चना नितिन उपाध्याय ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गंदगी वाले वार्ड में प्रसूताओं और नवजातों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है।
अर्चना ने बताया कि बारिश के कारण संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। वे यह भी देखने गईं कि कई बेड की चादरें गंदी पड़ी थीं और सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा था।
साफ-सफाई और सुविधाओं की कमी
वार्ड में गंदगी के साथ-साथ साफ सफाई के औजारों और बेड लिनेन की कमी की बात भी सामने आई। कर्मचारी समय पर सफाई न करने और गंदे बर्तन न उठाने की शिकायत मिली। अस्पताल की प्रसूता सेवा में ऐसे हालात मरीजों के लिए चिंता का विषय बन गए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को बताया कि प्रसव के बहाने पर वसूली की शिकायतें भी मिलीं। यह शिकायतें समाजसेविका ने गंभीर बताईं और कहा कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अर्चना ने कहा कि वे इस विषय को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखेंगी और प्रशासन से सुधर की मांग करेंगी। उन्होंने विशेषकर सीएमओ से व्यवस्था सुधारने और नियमित निरीक्षण करने का आग्रह किया।
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने भी सफाई व पारदर्शिता की आवश्यकता जताई। कई परिवारों ने कहा कि प्रसव के समय अस्पताल की बदहाल स्थिति से उनका भरोसा कमजोर हुआ है और वे सुधार की उम्मीद करते हैं।
आगे की कार्रवाई
समाजसेविका ने कहा कि मामले की रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को दी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराई जाएगी। पाठकों से कहा जाता है कि अगर उन्हें भी ऐसे किसी अस्पताल में समस्याएं दिखें तो संबंधित प्रशासन को सूचित करें।
स्रोत: अमर उजाला

