चित्रकूट। खरीफ-2026 में फसल बीमा कराने वाले किसानों के लिए कृषि विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य कारण से फसल को नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य होगा।
यह कदम समय पर सर्वे कर क्षति का आकलन करने और बीमा दावे की प्रक्रिया तेजी से पूरी कराने के लिए लिया गया है। उप कृषि निदेशक जीतलाल गुप्ता ने किसानों को बताया कि देर से सूचना देने पर दावे में अड़चनें आ सकती हैं।
सूचना देने के तरीके
किसान नुकसान की सूचना कई माध्यमों से दे सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सूचना संबंधित बैंक, बीमा कंपनी या उप कृषि निदेशक कार्यालय में दी जा सकती है। साथ ही टोल-फ्री नंबर 14447 भी उपलब्ध कराया गया है।
- बैंक
- बीमा कंपनी
- उप कृषि निदेशक कार्यालय
- टोल-फ्री नंबर 14447
बीमा नियमों के अनुसार अधिसूचित फसलों को सूखा, बाढ़, जलभराव, तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, प्राकृतिक आग, कीट तथा रोग सहित विभिन्न जोखिमों से सुरक्षा दी जाती है। स्थानीय स्तर पर ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन, बादल फटना और आकाशीय बिजली से लगी आग से हुए नुकसान को भी कवर किया जाता है।
किसान जब सूचना दें तो अपने नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या, बीमा विवरण, फसल का नाम और प्रभावित खेत का सटीक विवरण देना न भूलें। ये जानकारियाँ सर्वे और दावे की सत्यापन प्रक्रिया के लिए जरूरी हैं।
किसानों को कृषि कार्यालयों से संपर्क कर अपने दस्तावेज और पॉलिसी की प्रतियां तैयार रखने की सलाह दी जा रही है। दावे के समय समयसीमा का पालन करने से वे जल्द मुआवजा प्राप्त कर सकेंगे और फसल-हानि के प्रभाव को कम कर पाएंगे।
स्रोत: अमर उजाला

