चित्रकूट। पहली अक्तूबर से व्यावसायिक सिलिंडर के दाम बढ़ गए हैं। बढ़ती कीमतों से स्थानीय रसोई संचालकों की लागत में इजाफा हुआ है।
जिले के करीब 1100 होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और चाय-नाश्ते वालों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। यह अतिरिक्त खर्च अंततः ग्राहकों पर भी आएगा और छोटे व्यवसायों के मुनाफे पर दबाव बढ़ेगा।
नए दाम और बदलाव
कंपनी ने कई पैमानों पर रेट बढ़ाए हैं। 19 किलो का सिलिंडर अब 2832 रुपये में मिलेगा, जो पहले 2770 रुपये का था। एक्स्ट्रा तेज वाला सिलिंडर 2792 रुपये से बढ़कर 2854 रुपये हो गया है।
- 19 किलो सिलिंडर: 2770 → 2832 रुपये
- एक्स्ट्रा तेज सिलिंडर: 2792 → 2854 रुपये
- 5 किलो रिफिल: अब 785.50 रुपये (15.50 रुपये महंगा)
- 5 किलो एफटीएल नया कनेक्शन: 1891 → 1906.50 रुपये
दाम बढ़ने के बाद दुकानदारों ने प्रतिक्रियाएं दीं। “सिलिंडर महंगा होने से लागत बढ़ गई है। 10 रुपये वाली चाय अब 12 रुपये करनी पड़ेगी। समोसा-पकौड़ी के दाम भी बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।” – रामनरेश, चाय दुकानदार, रामघाट
कुछ व्यापारियों ने ग्राहक घटने का डर जताया और कीमत न बढ़ाने का स्तरीय विकल्प अपनाया। “पिछली बार दाम बढ़ाए तो ग्राहक टूट गए थे। इस बार रेट नहीं बढ़ाएंगे। लागत कम करने के लिए कोयले की भट्ठी का इस्तेमाल कर रहे हैं।” – अरविंद सिंह, दुकानदार, रेलवे स्टेशन
प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। छोटे ढाबों और चाय की दुकानों को परिचालन लागत कम करने के लिये वैकल्पिक ईंधन या घटतौली सामग्री के चुनाव पर विचार करना पड़ रहा है।
आगे का रास्ता यही रहेगा कि व्यवसायी अपने खर्च और बिक्री दोनों का आकलन करेंगे। ग्राहक भी कीमतों में नाजुक बदलाव देखेंगे। प्रशासन या संबंधित आपूर्ति कंपनियों की ओर से कोई राहत या आदेश जारी होने पर व्यवसायियों के फैसले प्रभावित होंगे।
स्रोत: अमर उजाला

