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फतेहपुर: खादी की नई वैरायटी, 30% छूट से युवाओं में बढ़ी रुचि

गांधी जयंती पर घोषित 30 प्रतिशत छूट 31 मार्च तक रहेगी, मसलिन, पोली और सिल्क खादी पर भी ग्राहकों की मांग बढ़ी है।

फतेहपुर: खादी की नई वैरायटी, 30% छूट से युवाओं में बढ़ी रुचि
फोटो: अमर उजाला

फतेहपुर। खादी अब केवल सादगी और पारंपरिक गांधी टोपी तक सीमित नहीं रही। बदलते फैशन के साथ खादी में हल्की और मुलायम वैरायटी आने से जेन‑जी की पसंद बदल रही है और बाजार में इसकी मांग बढ़ी है।

खादी के अब मसलिन, पोली और सिल्क जैसे कपड़े भी मिलते हैं। कुर्ते, शर्ट, टॉप, दुपट्टे और अन्य परिधानों में ये नई वैरायटी जगह बना रही है। गांधी जयंती के मौके पर खादी वस्त्रों पर 30 प्रतिशत की छूट दी जा रही है और इसका लाभ 31 मार्च तक लिया जा सकेगा।

फैशन और परंपरा का मेल

पहले खादी मोटा और खुरदरा माना जाता था, पर अब गर्मी और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए हल्के, पतले और आरामदायक कपड़ों को प्राथमिकता मिल रही है। नई खादी में पारंपरिक बनावट बनी रहती है, लेकिन डिजाइन और रंग आधुनिक हुए हैं। शरीर के अनुकूल यह कपड़ा मौसम के हिसाब से भी आराम देता है।

हाथ से तैयार होने की वजह से खादी से स्थानीय कारीगरों और बुनकरों की मेहनत जुड़ी रहती है। खरीद में वृद्धि से उनकी आजीविका को सहारा मिल रहा है और वे नए डिजाइनों पर काम कर रहे हैं।

बाजार और ग्राहकों की प्रतिक्रिया

मेवाराम कटियार, अध्यक्ष खादी ग्रामोद्योग ने कहा, “ग्राहकों की पसंद में काफी बदलाव आया है। अब लोग केवल गांधी जयंती या विशेष अवसरों पर ही खादी नहीं खरीदते, बल्कि रोजाना पहनने के लिए भी इसकी मांग कर रहे हैं।”

शिवकुमार तिवारी, व्यवस्थापक, खादी ग्रामोद्योग ने कहा, “30 प्रतिशत छूट से भी ग्राहकों को खादी खरीदने का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिल रहा है।” युवा कॉलेज जाने वाले और नौकरीपेशा लोग रोजमर्रा के विकल्प के तौर पर खादी की शर्ट और हल्के कपड़े खोजना पसंद कर रहे हैं।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि नई वैरायटी और छूट से बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद है। जो पाठक खादी खरीदना चाहते हैं, वे नजदीकी खादी विक्रेता या खादी ग्रामोद्योग केंद्र पर जाकर अलग-अलग वैरायटी और छूट का लाभ देख सकते हैं।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

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कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।