फतेहपुर। उप्र लेखपाल संघ ने लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने पर प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आन्दोलन करने का एलान किया है। यह फैसला संघ ने दस वर्षों से चली आ रही मांगों का संतोषजनक समाधान न मिलने के बाद लिया है।
संघ के बयान के मुताबिक जिले के लेखपाल तीन अक्तूबर से शरू होने वाले आन्दोलन में शामिल होंगे। सदर तहसील लेखपाल संघ ने उपजिलाधिकारी को नायब तहसीलदार लक्ष्मी बाजपेयी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। पदाधिकारियों ने बताया कि 14 सितंबर को दिया गया ज्ञापन प्रभावी रूप से निष्पादित नहीं हुआ।
आन्दोलन का कार्यक्रम और प्रमुख मांगें
लेखपाल संघ ने यह भी कहा है कि 22 सितंबर से लेखपाल अतिरिक्त हल्कों का बहिष्कार कर रहे हैं। मुख्य मांगों में वेतन विसंगति का निराकरण, पदोन्नति, भत्तों में वृद्धि और नवनियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण शामिल हैं।
- 3 अक्तूबर: संपूर्ण समाधान दिवस
- 8 अक्तूबर: ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार
- 17 अक्तूबर: संपूर्ण कार्य बहिष्कार
- 24 अक्तूबर: अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार
ज्ञापन देने के दौरान तहसील अध्यक्ष हरि गोविंद सिंह, मंत्री प्रदीप कुमार, राहुल श्रीवास्तव, अनुपम कुमार, रजत तिवारी और योगेंद्र कुमार सहित अन्य लेखपाल मौजूद रहे। उपस्थित लेखपालों ने बार-बार की गई मांगों पर समाधान न होने पर नाराजगी जताई।
स्थानीय लोगों पर इस आन्दोलन का असर सरकारी जमीन और राजस्व से जुड़े कामों में देरी की शक्ल में दिख सकता है। किसानों और जमीन संबंधी मामलों में दस्तावेजी कार्यवाही पर असर आने की आशंका जताई जा रही है।
संघ ने बताया कि यदि स्थानीय और प्रदेश स्तर पर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चरणबद्ध आंदोलन जारी रखा जाएगा। आगे की कार्रवाई का ध्यान लेखपाल संघ व संबंधित अधिकारियों के बीच होने वाली वार्ता पर रहेगा।
स्रोत: अमर उजाला

