फतेहपुर। मलवां थाना क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज में प्रसव के तुरंत बाद 22 वर्षीय प्रतीक्षा शुक्ला की मौत से परिजन भड़क उठे। शनिवार को आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने कानपुर-प्रयागराज हाईवे जाम करने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने समय रहते रोक दिया।
मामला हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बेरागढ़ीवा गांव के मजरे ऊंचाबेरा का है। मृतका के पति अमित शुक्ला ने बताया कि वे शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे पत्नी प्रतीक्षा को जिला अस्पताल लेकर गए थे और वहां से लगभग एक घंटे बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। रात करीब 8:30 बजे प्रतीक्षा को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
घटना का विवरण
अमित का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर की लापरवाही के कारण प्रसव कराया गया, जिससे प्रतीक्षा की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि नवजात सुरक्षित है। अमित ने बताया कि कई बार पत्नी को देखने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन शनिवार भोर करीब चार बजे तक उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। फिर जब वह अंदर पहुंचे तो उन पर अभद्रता की गई और बाहर निकाल दिया गया।
परिजन के अनुसार, बाद में उन्हें बताया गया कि पत्नी की हालत गंभीर है और उन्हें दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई, तब तक प्रतीक्षा की मौत हो चुकी थी। घटना से आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने हाईवे जाम करने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रसूता के ससुर अखिलेश शुक्ला ने मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर डॉ. अंजली वर्मा पर आठ हजार रुपये लेने का भी आरोप लगाया। परिजन ने बाद में अतिरिक्त एसपी ज्ञान प्रकाश राय को प्रार्थनापत्र देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
आगे की कार्रवाई
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके मौर्य ने बताया कि रुपये लेने की शिकायत मिली है और मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। यदि जांच में पैसे लेने की बात सही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के आश्वासन के बाद परिजन को शांत कराया।
स्थानीय लोग और परिजन अब जांच रिपोर्ट की प्रतिक्षा कर रहे हैं। प्रशासन ने कहा है कि जांच निष्पक्ष और शीघ्र होगी ताकि सच सामने आ सके और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकें।
स्रोत: अमर उजाला

