बिंदकी (फतेहपुर)। सरकारी राशन दुकान और सरकारी आवास दिलाने का झांसा देकर 24.69 लाख रुपये की ठगी के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था जो अब तक की कार्रवाई में तय रकम है।
पीड़िता कुशारा गांव निवासी सपना देवी पत्नी कृष्ण प्रताप सिंह का कहना है कि वह एक समूह से जुड़ी थीं। आरोप है कि समूह संचालकों ने राशन दुकान और आवास का वादा करके उनसे बड़ी रकम ले ली और फिर कई महीनों तक कोई सुविधा नहीं दिलाई। रकम लौटाने पर धमकियां भी दी गईं।
गिरफ्तारी और इनाम
पुलिस ने कानपुर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र के नौबस्ता दक्षिणी निवासी निखिल विश्वकर्मा उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया है। सर्विलांस सेल प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में निखिल को सोमवार को कानपुर से पकड़ा गया और कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया।
कोतवाल शैलेष सिंह ने बताया कि आरोपी की पत्नी कीर्ति की गिरफ्तारी पर कोर्ट से स्टे लगा हुआ है। शुरुआत में जिला स्तर से इनाम 25 हजार रुपये रखा गया था, बाद में आईजी स्तर से इनाम बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया था।
पुलिस के जांच में पता चला है कि दंपती ने मिलकर इलाके में ठगी का नेटवर्क बनाया था। कीर्ति ने ‘जनता’ नाम से समूह दर्ज कराया था जिसमें क्षेत्र की महिलाओं को जोड़ा जाता था। समूह से जुड़ी महिलाओं को रोजगार, आवास, शौचालय और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा देकर रुपये लिए जाते थे।
पुलिस ने बताया कि अब तक कई लोगों से लाखों रुपये लिए जाने के मामले मिले हैं और ठगी की सीमाएं व्यापक दिख रही हैं। पीड़िता सपना देवी ने 22 फरवरी 2026 को निखिल और कीर्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी और तब से निखिल पुलिस की नज़रों से दूर था।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब और पीड़ितों की पहचान कर रही है और जांच को तेज कर रही है। जिलाधिकारी व पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी पहचानहीन समूह को पैसे न दें और धोखाधड़ी की जानकारी तुरन्त कोतवाली में दें।
स्रोत: अमर उजाला

