फिरोजाबाद। तहसील टूंडला के गांव रामगढ़ उर्फ उम्मरगढ़ के निवासी नजरुद्दीन ने जिलाधिकारी से शिकायत कर कहा है कि उसकी पैतृक जमीन धोखाधड़ी से हड़प ली गई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह साजिश राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दिखाकर रची गई।
नजरुद्दीन के मुताबिक उनके पिता की मृत्यु के बाद वह मजदूरी के सिलसिले में फिरोजाबाद में रहने लगे। उसी दौरान गांव के चाचा के लड़के ने क्षेत्रीय लेखपाल और अन्य तहसील कर्मचारियों से मिलीभगत कर ली। उसने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में उन्हें मृत दर्शा दिया गया और आरोपी ने स्वयं को संपत्ति का एकमात्र वारिस दर्ज करा लिया।
फर्जी बैनामा और तारीख
शिकायत में कहा गया है कि इसके बाद 24 मई 2006 को उक्त जमीन का फर्जी बैनामा एक महिला के नाम कर दिया गया। यह पूरी धोखाधड़ी नजरुद्दीन को अगस्त माह में ही पता चली। तब तक जमीन पर कब्जा करने की प्रकिया आगे बढ़ चुकी थी।
नजरुद्दीन ने जिलाधिकारी से आवेदन में मांग की है कि मामले में बिक्रेता और क्रेता दोनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने अपनी हड़पी गई पैतृक जमीन वापस दिलाने की भी गुहार लगाई है।
पंचायती और तहसील स्तर के रिकॉर्ड बदलने के आरोप स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ा रहे हैं। कब्जा किए गए खेत और जमीन से परिवार की जीविका जुड़ी होने की वजह से प्रभावित परिवार परेशान है।
अब अधिकारियों से निवेदन है कि राजस्व अभिलेखों की जाँच कर जल्द वास्तविक हकदार की पहचान की जाए। जिलाधिकारी के कार्यालय से मामले में आगे की कार्रवाई का जवाब मिलने पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

