गाज़ीपुर। औड़िहार जंक्शन से वाराणसी सिटी तक तीसरा रेलवे ट्रैक बिछाने का प्रस्ताव अब जमीन अधिग्रहण चरण में पहुंच गया है। रेलवे प्रशासन और सैदपुर तहसील ने मिलकर भूमि अधिग्रहण का खाका तैयार कर लिया है।
प्रस्तावित नई लाइन की कुल लंबाई 31.36 किलोमीटर है और इसके लिए अनुमानित लागत 497.07 करोड़ रुपये रखी गई है। रेलवे का कहना है कि तीसरी लाइन बिछ जाने के बाद इस व्यस्त रूट पर ट्रेन परिचालन की रफ्तार और क्षमता दोनों बढ़ेंगी।
भूमि अधिग्रहण का नक्शा और गांव
सैदपुर तहसील प्रशासन ने तैयार खाके में तीन गांवों के नाम शामिल किए हैं। अधिग्रहण के लिए जिन गांवों का प्रस्ताव रेलवे को भेजा गया है, वे ईशोपुर, गोपालपुर और औड़िहार हैं। सैदपुर तहसील ने इन ग्रामीण इलाकों की पूरी रिपोर्ट रेल प्रशासन को सौंप दी है।
रेलवे प्रशासन ने पहले इस रूट पर बढ़ते यातायात और परिचालन की समस्याओं के कारण तीसरी लाइन की आवश्यकता जताई थी। बीते फरवरी में रेल मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे कर बजट जारी कर दिया था, जिसके बाद कार्य में तेजी आने लगी।
स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि नई लाइन से माल और यात्री दोनों तरह की ट्रेनों की गति बढ़ेगी और मार्ग पर देर-पकड़ने की समस्या कम होगी। इससे शेड्यूल के अनुसार अधिक ट्रेनों का परिचालन संभव हो सकेगा और रेलवे की क्षमता में सुधार आएगा।
अधिग्रहण प्रक्रिया के अगले चरण में तहसील और रेलवे संयुक्त रूप से जमीन के सर्वे और मुआवजे के नियमों के अनुसार औपचारिक कार्यवाही शुरू करेंगे। प्रभावित ग्रामीणों को सूचना और मुआवजे की प्रक्रिया के बारे में बाद में बताया जाएगा।
जिलाभर की ट्रेनों और यात्रियों पर प्रभाव के कारण स्थानीय लोग परियोजना को लेकर उम्मीद जता रहे हैं। अब इंतजार है कि जमीन अधिग्रहण की औपचारिकताएँ कब पूरी होती हैं और निर्माण का काम कब शुरू हो पाता है।
स्रोत: अमर उजाला

