गाज़ीपुर। जीवित्पुत्रिका पर्व की सुबह लगभग 11 बजे ददरी घाट के पास एक बच्चा गंगा में डूब गया। परिवार के अनुसार रोहन (5) पिता के कंधे पर बैठे बड़े भाई सोहन (8) के साथ बोल्डर की तरफ स्नान करने गया था।
शहर कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि रौजा क्षेत्र के मिश्रवलिया बरहनिया निवासी रामसेवक बिंद, पत्नी धानमनी देवी और दोनों बेटे ददरीघाट पर स्नान के लिए गए थे। पिता दोनों बच्चों को कंधे पर बैठाकर करीब 100 मीटर गंगा में तक गए और फिर बच्चों को उतारकर नहाने लगे।
डूबने का क्रम और बचाव प्रयास
प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि नहाते समय दोनों बच्चों के हाथ छूटने लगे। सोहन ने पिता का हाथ पकड़कर बाहर निकल लिया, लेकिन रोहन ने हाथ छुड़ा दिया और पानी के तेज बहाव में बह गया। घाट पर मौजूद लोगों ने तुरंत बचाने की कोशिश की, पर तब तक वह पानी में समा चुका था।
घटना की सूचना पर पुलिस ने एनडीआरएफ टीम और 34वीं वाहिनी पीएसी भुल्लनपुर वाराणसी की टीम को बुलाया। टीमों ने नाव के सहारे गंगा में लगातार खोजबीन शुरू की। शाम तक भी रोहन का पता नहीं चल सका और खोज जारी है।
घटनास्थल पर परिवार, गांव के लोग और घाट पर पूजा करने आई महिलाएँ भी रोते-बिलखते दिखाई दीं। माँ धानमनी देवी और पिता रामसेवक बिंद अचेत हो गए। बड़ा भाई सोहन बार-बार छोटे भाई के लिए बिलखता रहा। परिजन और ग्रामीण गंगा के आसपास के घाटों पर मिलकर बच्चे की तलाश कर रहे हैं।
कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि टीम लगी हुई है और नावों से लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहा है। पर अभी तक सफलता नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों की टीमें जरूरी कदम उठा रही हैं और खोज सुबह‑शाम जारी रहेगी।
स्रोत: अमर उजाला

