गाज़ीपुर। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ की जिला इकाई ने सोमवार को बीएसए के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजकर शिक्षामित्रों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की है। जिलाध्यक्ष रामप्रताप सिंह यादव और जिला महामंत्री मंजय सिंह यादव ने यह पत्र भेजा।
पत्र में संघ ने समायोजन, वेतन और सेवा‑नियमों से जुड़े कुल पाँच प्रमुख मांगे उठाई हैं। सबसे अहम मांगें हैं टीईटी पास शिक्षामित्रों को सुपरटेट से छूट देना और सेवानिवृत्ति आयु को 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करना। पत्र में आगे बताया गया है कि टीईटी उत्तीर्ण और एनसीटीई मानकों को पूरा करने वाले करीब 60,000 शिक्षामित्रों को समायोजित किए जाने की माँग की गई है।
समस्याओं का असर
संघ ने कहा है कि 3 जनवरी 2025 को शासन ने शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी और महिला शिक्षामित्रों को उनके पति के निवास स्थान की ग्राम पंचायत या वार्ड के विद्यालय में स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद महानिदेशक स्कूल शिक्षा व निदेशक बेसिक शिक्षा की ओर से भी जनपद स्तर पर समायोजन के आदेश दिए गए थे।
पत्र में दावा किया गया है कि लखनऊ और बाराबंकी जिलों को छोड़कर अन्य जनपदों में समायोजन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। इससे कई शिक्षामित्रों को 80 से 90 किलोमीटर दूर जाकर शिक्षण कार्य करना पड़ता है और वे पारिवारिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
संघ ने पत्र में और मांगें भी रखीं: बेसिक स्कूलों में होने वाली स्पेशल टीईटी में शिक्षामित्रों को शामिल करना, असामयिक निधन वाले शिक्षामित्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था करना। साथ ही वेतनमान में बदलाव की मांग के तहत 11 माह की जगह 12 माह का मानदेय दिए जाने का अनुरोध किया गया है।
अब जिला प्रशासन और बीएसए से उम्मीद है कि भेजे गए पत्र पर संबंधित विभागों से कदम उठाए जाएंगे। शिक्षामित्रों की ओर से कहा गया है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आगे की रणनीति के बारे में विचार किया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

