गाज़ियपुर। अर्नब चक्रवात के बाद जिले में बिजली व्यवस्था अभी भी पटरी पर नहीं लौटी है। रविवार को भी करीब 50 गांवों में बत्ती गुल रही और शहर में हर 10 मिनट पर ट्रिपिंग होती रही।
बिजली निगम के अनुसार चक्रवात के असर से जनपद में कुल 450 खंभे क्षतिग्रस्त हुए थे और सात ट्रांसफॉर्मर को नुकसान पहुंचा था। 24 घंटे में निगम ने 70 खंभे बदल दिए और 22 गिरे हुए खंभों को सीधा किया। सिर्फ तीन ट्रांसफॉर्मर ही दुरुस्त हो पाए। अभी काम चल रहा है और मात्र 92 खंभे ही पूरी तरह दुरुस्त बताए गए हैं।
ग्रामीण इलाकों में हालात
सूहवल क्षेत्र के ताड़ीघाट फीडर की बिजली शुक्रवार रात करीब दो बजे से रविवार सुबह सात बजे तक बाधित रही। ताड़ीघाट पर करीब 29 घंटे बिजली न होने से यहां लगभग 17 हजार की आबादी प्रभावित हुई। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल की व्यवस्था और मोबाइल चार्ज करने में सबसे अधिक परेशानी हुई।
खानपुर के कई गांवों में बारिश और तेज हवा की वजह से बिजली के खंभे और 11 हजार वोल्ट की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। अनौनी, करमपुर, अमेदा, शिवदासपुर, मौधा, नायकडीह जैसे क्षेत्रों में कुछ जगहों पर 72 घंटे से बिजली नहीं आ रही है। इन इलाकों में पंखे, कूलर और इन्वर्टर भी काम नहीं कर रहे हैं।
बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों ने फीडरों की बार-बार कटौती और पुरानी दोषसूची की शिकायत दोहराई है। कई ने कहा कि चक्रवात के बाद मरम्मत धीमी चल रही है और फीडर संबंधी समस्याएं अक्सर रहती हैं।
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता पीके सिंह ने कहा, “इस कारण से समय-समय पर बिजली आपूर्ति बाधित हो जा रही है।” वेतन-स्तर पर Crews क्षतिग्रस्त तारों और खंभों की मरम्मत कर रहे हैं और शहर में हुए फॉल्ट ढूंढकर दुरुस्त किए जा रहे हैं।
कौन-कौन से गांव प्रभावित
- मौधा, नायकडीह, भुजहुवा, अठगांवा, सौना
- पोखरा, छपरा, इटहा, बूढ़नपुर, तराये
- अमेदा, जमीन संदल, टड़वा, लौलेहरा, ददरा
- दरवेपुर, नोनरा, फत्तेपुर, रजहटी, ताड़ीघाट
- बवाड़े, कालूपुर, भागीरथपुर, सरैया, दुहिया, मेदनीपुर, हरिश्चंद्रपुर, बहलोलपुर, सुजानपुर, गरुआ मकसूदपुर
बिजली निगम की टीमों ने कहा है कि फाल्ट दुरुस्त करके आपूर्ति बहाल की जा रही है। प्रभावित लोगों से अनुरोध है कि वे आवश्यकतानुसार अपने स्थानीय चौकी या बिजली विभाग से संपर्क रखें जब तक मरम्मत पूरी नहीं हो जाती।
स्रोत: अमर उजाला

