गाज़ियपुर। शहर के गंगा घाटों को काशी की तर्ज पर आपस में जोड़ा जाएगा और कच्चे घाटों को पक्का किया जाएगा। कलक्टर घाट से चीतनाथ तक कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव शासन से मंजूर हो गया है।
इस परियोजना पर कुल 5.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर में 16 से अधिक गंगा घाट होने के बावजूद वे आपस में जुड़े नहीं थे। प्रस्ताव के साथ पहले कदम के रूप में चीतनाथ व कलक्टरघाट के बीच का क्षेत्र चुना गया है।
परियोजना का दायरा और उद्देश्य
दोनों घाट एक किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं और इस बीच का बड़ा हिस्सा अभी कच्चा है। इसे पक्का कर के गंगा किनारे के इलाके का विकास किया जाएगा। साथ ही शौचालय, पेयजल और प्रकाश जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध करायी जाएंगी।
परियोजना का उद्देश्य स्थानीय पर्यटन बढ़ाना और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना बताया गया है। पक्का घाट और जुड़े हुए मार्गों से लोगों को एक घाट से दूसरे घाट तक आसान पहुंच मिलेगी और सीधी पैदल आवाजाही संभव हो सकेगी।
चेतावनी और आस्था के दृष्टिकोण से चीतनाथ गंगा घाट का विशेष महत्व है। शहर कोतवाल के नाम से प्रसिद्ध बाबा चीतनाथ के मंदिर के कारण इस घाट पर लोगों की आस्था अधिक है। यहाँ प्रतिदिन गंगा स्नान और कढ़ाई चढ़ाने का प्रचलन है।
कलक्टरघाट की देव दीपावली का आयोजन भी जनपद में मशहूर है। देव दीपावली पर घाट दीपों से जगमगा उठता है और मेले जैसा माहौल बनता है। इस कारण यह घाट दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों को आकर्षित करता है।
जिला पर्यटन अधिकारी आरके मौर्या ने कहा, “गंगा घाटों के पक्का होने से जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।” अब अगले चरण में निर्माण कार्य की रूपरेखा और समय-सीमा तय की जायेगी और ठेके का काम शुरू होने पर स्थानीय लोगों को भी सुविधा और बदलाव नजर आने लगेगा।
स्रोत: अमर उजाला

