गाज़ियपुर। गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को जिला न्यायालय परिसर से पॉक्सो कानून के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में छात्रों, अधिवक्ताओं और पराविधिक स्वयंसेवकों ने सहभागिता की और प्रभात फेरी निकाली गई।
जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव ने न्यायालय के गेट नंबर एक से हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना किया। फेरी में आदर्श इंटर कॉलेज महुआबाग के छात्र, सिविल बार के अधिवक्ता और पराविधिक टीम के स्वयंसेवक शामिल रहे।
संगोष्ठी और माल्यार्पण
इससे पहले सुबह आठ बजे दस कक्षीय सभागार में महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया और दीपप्रज्ज्वलित किया गया। वहाँ पर संगोष्ठी भी आयोजित की गई, जिसमें दोनों महापुरुषों के जीवन और शिक्षाओं पर चर्चा हुई।
जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव ने गांधी जी के सत्य और अहिंसा के मार्ग तथा स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह ने कहा कि गांधी जी ने देश को स्वच्छता, सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया और उन सिद्धांतों को अपनाने की बात कही।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नीरज गोंड ने दोनों नेताओं के योगदान व उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। सिविल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों राजेंद्र विक्रम सिंह और अंजनी कुमार ठाकुर ने भी कार्यक्रम में विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मचारी और सुरक्षा कर्मी मौजूद रहे। प्रभात फेरी का उद्देश्य समुदाय में पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी फैलाना और बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों के खिलाफ संवेदनशीलता बढ़ाना बताया गया।
आगे की कार्रवाई
आयोजकों ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे ताकि लोकजन में कानूनी जानकारी पहुँचे। स्थानीय लोगों से अपील की गई कि वे बच्चों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
स्रोत: अमर उजाला

