बारिश के मौसम में सर्पदंश : झाड़-फूंक के चक्कर में पड़कर अपना समय बर्बाद न करें, तुरंत करें ये काम

झाड़-फूंक के चक्कर में पड़कर अपना समय बर्बाद न करें, तुरंत करें ये काम
UPT | जागरूकता और सावधानी से बचें सर्पदंश के जानलेवा खतरे से

Jul 10, 2024 14:34

बारिश का मौसम आते ही सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है। यह एक गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। महराजगंज जिले में पिछले कुछ महीनों में सर्पदंश के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है...

Jul 10, 2024 14:34

Short Highlights
  • जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है सांप काटने के इंजेक्शन
  • जागरूकता और उपचार की कमी के कारण अधिकतर लोग सांप के काटने से मर जाते हैं
Maharajganj News : बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। सर्प दंश की स्थिति में झांड़-फूंक के चक्कर में पड़कर समय न गवाएं। ऐसे लोगों को सीधे अस्पताल लेकर पहुंचे। थोड़ी सी लापरवाही जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। वर्तमान में औषधि भंडारण में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन (सांप काटने की सुई) के 800 वायल उपलब्ध है। इसके अलावा जिले के समस्त स्वास्थ्य केंद्रों पर 25 से अधिक एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध है। जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है। बीच-बीच में धूप भी निकल रही है। ऐसे में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गई हैं। जिले में पिछले तीन माह में हुई सर्पदंश से कई लोग जान गंवा चुके हैं। ऐसी स्थिति में हमें सावधान रहने की जरूरत है। विषैले जंतु के काटने के बाद तुरंत चिकित्सकों के पास जाएं और एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगवाएं।

बिलों में पानी भरने ले बाहर निकल आते हैं
डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के दौरान जब सांपों के बिलों में पानी भर जाता है तो वे बाहर निकलकर सुरक्षित जगह की तलाश करते हैं। अगर आपको घर में या आसपास ऊंची जगहों पर बिल दिखाई दें तो उसमें हाथ न डालें। इन दिनों झाड़ियों में छिपे सांप सुरक्षित जगह की तलाश में इधर-उधर भागते हैं। ऐसे में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। सर्पदंश के मामले में झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद करना कतई उचित नहीं है।

स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध
महराजगंज मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन (सांप काटने की सुई) पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। सर्प दंश की स्थिति में समय गंवाए बिना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर रोगी को ले जाएं। इससे उसकी जान बच सकती है। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

सांप काटने के बाद तुरंत करें यह काम 
  • प्राथमिक उपचार में सर्प दंश वाले स्थान को डेटॉल व गर्म पानी से साफ करें। 
  • डेटॉल न हो तो साबुन से घाव धोएं फिर आसपास कुछ दूरी पर कसकर पट्टी बांध दें। इसके तुरंत बाद पीड़ित को अस्पताल ले जाएं।
झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें
  • सर्पदंश वाले शरीर के उस भाग को हिलाएं-डुलाएं नहीं।
  • सूजन आने पर घाव के आसपास कसकर कपड़ा बांध देने से जहर शरीर में नहीं फैलेगा।
  • घटना के बाद सर्प को पकड़ने की कोशिश न करें, उसे जाने दें।
यह लक्षण दिखे तो हो जाएं सावधान 
  • सर्प के दांतों से दो छेद बन जाते हैं, जिनके आसपास सूजन आ जाती है। घाव के आसपास का भाग लाल हो जाता है।
  • सांप के काटने वाले स्थान पर तेज दर्द उठता है। प्यास लगती है, पीड़ित को सांस लेने में तकलीफ होती है।
  • उल्टी होती है या उल्टी होगी, ऐसा महसूस होता रहता है, मूर्छा आने लगती है। 
  • पसीना आता है, लार टपकने लगती है और दृष्टि धुंधली हो जाती है।

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