भरुआ सुमेरपुर (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत मवईजार में करीब 26 लाख रुपये की लागत से तीन वित्तीय वर्षों में कराया गया नाला निर्माण कार्य विवादों में आ गया है। शनिवार को समाधान दिवस में एक ग्रामीण ने इस संबंध में शिकायती पत्र दिया।
शिकायतकर्ता मवईजार निवासी ब्रजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि अभिलेखों में 250 मीटर नाला दर्शा कर भुगतान कर दिया गया है, जबकि मौके पर केवल करीब 231 मीटर नाला ही बना हुआ है। उनकी दलील है कि 19 मीटर नाला का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है।
शिकायत और जांच की मांग
ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि नाला निर्माण वित्तीय वर्ष 2016-17, 2019-20 और 2020-21 में कराया गया था। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और कहा कि पूर्व में दी गई शिकायत का खंड विकास अधिकारी स्तर पर सही तरीके से निस्तारण नहीं हुआ था।
तत्कालीन प्रधान महेश शिवहरे ने शिकायत को पंचायत चुनाव से जोड़ा और कहा कि चुनाव को देखते हुए उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से शिकायत की जा रही है। उनके मुताबिक, कराई गई जांच में मौके पर नाला निर्माण पूर्ण पाया गया है।
बीडीओ संतोष कुमार श्रीवास्तव ने मामले पर कहा, “मामला संज्ञान में नहीं है। अगर शिकायत मिलेगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने पर संबंधित दस्तावेज और साइट का निरीक्षण कराया जाएगा।
ग्राम में रहने वाले लोगों ने कहा कि अधूरा नाला बरसात में पानी रोकने और सेहत के लिए खतरा बन सकता है। कई ग्रामीणों ने पंचायत व जिला स्तर से त्वरित जांच की मांग की है ताकि निर्माण में आए अंतर का स्पष्ट विवरण मिल सके।
अब क्या होगा
शिकायत के आधार पर अधिकारियों से उम्मीद है कि जांच कराई जाएगी और यदि भुगतान में गड़बड़ी पाई गई तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें परिणाम शीघ्र चाहिए और अधूरा नाला पूरा कराया जाना चाहिए।
स्रोत: अमर उजाला

