हापुड़। सोमवार को कांग्रेसियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग को लेकर मेरठ तिराहा स्थित डॉ. आंबेडकर प्रतिमा से पैदल मार्च निकालने का प्रयास किया। मौके पर पुलिस ने मार्च को रोक दिया और दोनों पक्षों के बीच धक्कामुक्की हुई।
पुलिस ने करीब 50 से 60 कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर मेरठ रोड स्थित पुलिस लाइन पहुंचाया। प्रदर्शन जिला कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित था।
प्रदर्शन का नेतृत्व और मांगें
प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने किया। कांग्रेसियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोपों पर स्पष्ट जवाब माँगा।
कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मद्देनजर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए हैं और हालिया रिपोर्टों में बताया गया है कि 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर के तहत 13 करोड़ से अधिक नाम ड्राफ्ट रोल से हटाए गए हैं।
प्रदर्शन में पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश चंद शर्मा, रजनीश त्यागी, डॉ. शोएब, रश्मि चौधरी, मानवी सिंह, रामप्रसाद जाटव, नरेश भाटी, इकबाल प्रधान, राज सिंह गुर्जर, गौरव गर्ग, मनीष त्यागी और दीपक मोघे समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिरासत और आरोप
कांग्रेसियों का आरोप है कि पुलिस ने पैदल मार्च रोकते समय कुछ कार्यकर्ताओं के साथ सिविल ड्रेस में भी धक्कामुक्की और अभद्रता की। जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी व पदाधिकारी नरेश भाटी ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को कुछ समय बाद ही पुलिस लाइन में लेकर पहुंचाया।
अब कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जांच और कार्रवाई की मांग की है और आगे की रणनीति पर पार्टी वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार करेगी। स्थानीय नागरिकों का कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार होना चाहिए, लेकिन मौके पर हालात गर्म रहे।
स्रोत: अमर उजाला

