बकेवर। बिजौली गांव में पिछले दो दिन की बारिश के बाद दो मकान धराशायी हो गए। मकानों के मलबे में दोनों परिवारों की गृहस्थी दब गई, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई।
सबसे पहले धर्मवीर पुत्र मेवालाल का कच्चा कमरा और उसकी कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने से कमरे में रखा भूसा, गेहूं, गैस चूल्हा, चारपाई और बिस्तर समेत अन्य घरेलू सामान खराब हो गया।
इसी तरह गांव निवासी संदीप मिश्रा पुत्र सुरेश चंद्र के घर की भी कच्ची दीवार बारिश के दौरान गिर गई। उस समय उनकी पत्नी रोशनी चाय बनाने के लिए कमरे में गई थीं और संदीप व उनके तीन बच्चे वैष्णवी, आरती व कृष्णा तख्त पर बैठे थे।
सुरक्षित निकाले गए परिवार
दीवार गिरने पर परिवार मौके पर ही सुरक्षित निकाल लिया गया और बाल-बाल बच गए। परिजनों ने बताया कि दीवार गिरते ही अफरा-तफरी मच गई और बचाव के बाद मलबे में दबा सामान देखने पर उजाड़ सा लग गया। संदीप के घर में गैस चूल्हा, सिलेंडर, आटा और जानवरों का दाना भी मलबे में दब गया है।
पड़ोसी व ग्रामीणों ने तुरंत मदद की और बचाव में हाथ बटाया। उन्होंने मलबा हटाने में सहायता की और परिवारों को अस्थायी जगह पर रखा गया ताकि रात गुजार सकें।
पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक मदद और नुकसान की भरपाई का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि कच्चे मकानों की मरम्मत के लिए सहायता हासिल नहीं हुई तो परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी।
स्थानीय प्रशासन या प्रखंड कार्यालय से इस मामले में क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं आई। प्रभावित परिवारों ने जान-माल की सुरक्षा और शीघ्र सहायता की उम्मीद जताई है।
स्रोत: अमर उजाला

