इटावा। जिले में डेंगू के मामलों में फिर बढ़ोतरी दर्ज हुई है। शुक्रवार को कई मरीजों के बुखार व संबंधित लक्षण दिखने पर संयुक्त जिला अस्पताल में परीक्षण किए गए, जिनमें 11 नए डेंगू मरीज मिले।
अंतिम रिपोर्ट के अनुसार जिला अस्पताल व सैफई आयुर्विज्ञान विवि में पहले से 46 डेंगू के मरीज सामने आ चुके थे। शुक्रवार को 226 मरीजों में डेंगू, टाइफाइड, मलेरिया के लक्षण दिखने पर खून की जांच करवाई गई। जांच में 43 मरीजों की डेंगू टेस्ट की गई और 11 में पुष्टि हुई। इससे कुल डेंगू मरीजों की संख्या 57 हो गई है।
जांच के अन्य नतीजे
इसी जांच में 98 मरीजों की टाइफाइड की जांच हुई, जिनमें पांच मरीज टाइफाइड पॉजिटिव पाए गए। 85 मरीजों की मलेरिया की जांच की गई, जिसमें कोई भी मरीज पॉजिटिव नहीं निकला। जबकि पहले के दिनों में मलेरिया के तीन मरीज पॉजिटिव आ चुके हैं। जांच में मिले मरीजों में इटावा के साथ मैनपुरी व औरैया जिलों के भी कुछ मरीज शामिल हैं।
डेंगू के बढ़ते मरीजों के मद्देनजर जिला अस्पताल में 12 बेड का डेंगू वार्ड तैयार किया गया है। वार्ड में डॉक्टरों के साथ पैरा मेडिकल स्टाफ और दवाइयों की व्यवस्था की गई है, ताकि गंभीर मरीजों का समय पर इलाज हो सके।
सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने कहा, “अस्पताल में ओपीडी में बुखार के मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं। डॉक्टर डेंगू, मलेरिया व टाइफाइड के मरीजों में लक्षण देखकर उनकी जांच करवा रहे हैं। जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उनका मरीजों को वार्ड में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। साथ ही डॉक्टरों की टीम इन मरीजों की बराबर निगरानी रखी जा रही है। हालत में सुधार होने पर ही मरीजों की छुट्टी की जा रही है।”
लोकल स्तर पर हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चार-चार बेड आरक्षित कर दिए गए हैं और दवाइयों का पर्याप्त भंडार रखा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि इलाज के लिए मरीजों को शहर नहीं आना पड़े।
डेंगू के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, सिर दर्द, उल्टी, आंखों में दर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते शामिल हैं। मरीजों को सलाह दी जा रही है कि बुखार व इन लक्षणों पर तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर संपर्क करें।
स्रोत: अमर उजाला
