सौरिख। सहरोई ग्राम पंचायत के मजरा भारा नगला में रविवार को बुखार का प्रकोप आया है। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बीमार हैं और हालत बिगड़ने पर कई को निजी अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया।
ग्रामवासियों के अनुसार कुल मिलाकर 50 लोग बुखार की चपेट में हैं। 1500 की आबादी वाले इस गांव में कई परिवारों में बुखार के मामले सामने आए हैं। ग्राम पंचायत प्रधान श्यामा देवी, रीता देवी, माधुरी, घनश्याम, वेदराम और विजयपाल भी निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं।
स्वास्थ्य टीम ने किया कैंप
ग्रामीणों ने कहा कि बीमारी बढ़ने के बावजूद शुरुआती दिनों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कैंप नहीं लगाया गया। प्रधान प्रतिनिधि सुरेश चंद ने विभाग को सूचना दी, मगर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई। फिर लोगों ने मामले की जानकारी ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत को दी।
राज्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद रविवार शाम करीब चार बजे प्रभारी चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची और शिविर लगाया। टीम ने मरीजों की जांच की और आवश्यक दवाइयां बांटी।
चिकित्सा प्रभारी डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि मरीजों में वायरल इंफेक्शन की स्थिति सामने आई है। सीएमओ डॉ. विकास चंद्रा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में शिविर लगा रही है और मरीजों का परीक्षण के साथ दवाइयां दी जा रही हैं।
सीएमओ ने यह भी बताया कि बुखार से पीड़ित मरीजों की खून की जांच की जा रही है ताकि संक्रमण की सही वजह पता चल सके। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय लोगों को संक्रमण से बचने और शीघ्र उपचार कराने की सलाह दी है।
ग्रामीणों ने कहा कि अब उम्मीद है कि विभागीय कार्रवाई से हालात सुधरेंगे। आगे स्वास्थ्य टीम नियमित निगरानी और आवश्यक परीक्षण कराती रहेगी ताकि बीमारी फैलने पर समय पर रोक लग सके।
स्रोत: अमर उजाला

