कौशाम्बी। मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के टेनशाह आलमाबाद गांव में पड़ोसियों के घर में घुसकर मां-बेटे पर जानलेवा हमला मामले में पुलिस ने छह महीने बाद अदालत के आदेश पर कार्रवाई शुरू की है। मामले की शिकायत करने के बावजूद रिपोर्ट नहीं दर्ज होने पर पीड़िता ने न्यायालय का रुख किया था।
पीड़िता दुर्गावती के मुताबिक घटना छह अप्रैल 2026 की सुबह हुई थी। उन्होंने कहा कि पड़ोस में रहने वाले विपक्षियों ने पहले गालीगलौज किया और विरोध करने पर आरोपियों ने उनके घर में घुसकर बेटे अखिलेश मिश्रा व नाती शोभित पर हमला कर दिया। हमलावरों ने अखिलेश का मोबाइल भी छीन लिया और गृहस्थी के सामान तोड़ दिए।
एफआईआर और आरोपियों के नाम
दुर्गावती की शिकायत के बाद भी शुरुआती समय में किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को अदालत के आदेश के बाद मंझनपुर पुलिस ने अनिल, वीरेंद्र, राजेंद्र समेत कुल 12 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। सरकार/प्रशासन ने अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
ग्रामवासियों के हस्तक्षेप से उस समय पीड़ितों की जान बची थी। मामले के दायरे में मोबाइल छीनने और घर में तोड़फोड़ करने के आरोप भी शामिल हैं, जो आपराधिक मुकदमा बनाते हैं। पुलिस ने जांच टीम गठित कर घटनास्थल व गवाहों के बयानों का रिकार्ड हासिल करना शुरू कर दिया है।
गांव में यह घटना सुनकर लोगों में असंतोष फैला हुआ है। परिजनों का कहना है कि शुरुआती शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से उन्हें न्याय के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ा। पड़ोसी और ग्रामीण पुलिस से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
आगे की कार्रवाई में पुलिस आरोपियों की पहचान-बिरादरी, घटनाक्रम और घायल पीड़ितों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले को आगे बढ़ाएगी। प्रभावित लोग स्थानीय थाने से संपर्क कर चालान और सुनवाई की जानकारी ले सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

