पपडरौना। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रदेश के छात्र-छात्राओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति की धनराशि अंतरित किए जाने का कार्यक्रम भारतीय इंटरमीडिएट कॉलेज में लाइव प्रसारण के रूप में आयोजित किया गया। समारोह के बाद यहां उपस्थित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
समारोह में प्रमाणपत्र पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और कई विद्यार्थी खुशी से एक-दूसरे को बधाई दिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक मनीष जायसवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “आज के विद्यार्थी ही वर्ष 2047 के विकसित भारत की बागडोर संभालेंगे।” उन्होंने शिक्षा को विद्यार्थियों की प्रतिभा और क्षमता को सही दिशा देने का मुख्य माध्यम बताया।
सरकारी पहल और स्थानीय व्यवस्था
सदर विधायक ने यह भी कहा कि सरकार छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर दे रही है ताकि वे आर्थिक बाधाओं के बिना पढ़ाई जारी रख सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी निष्ठा और लगन से पढ़ाई करने और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी रामाशंकर यादव और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भरत लाल गोंड ने भी भाषण दिए। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पपड़रौना के प्रधानाचार्य रामस्वरूप गुप्त ने विद्यालय की ओर से स्वागत और आयोजकीय बातें कीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रबंधक एनपी कुशवाहा ने की और संचालन आरके भट्ट व इब्राहिम अंसारी ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम का स्वागत प्रशासनिक अधिकारियों शत्रुघ्न जायसवाल और विशाल शुक्ला ने किया। समारोह में उमाकांत गुप्त, अशोक कुमार पांडेय, अंकुर मिश्रा, वेद प्रकाश दुबे, प्रमोद कुशवाहा, कन्हैया कुशवाहा, डीएन राव, आंचल, संध्या विश्वकर्मा, सौम्या जायसवाल, सीमा शुक्ला, माधवी द्विवेदी, वीरेंद्र दुबे, मंटू अली, संदीप कुशवाहा, सच्चिदानंद कुशवाहा, राजू कुशवाहा, सुभाष यादव और सोनू तिवारी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
आगे का रास्ता
छात्र-छात्राओं ने कहा कि छात्रवृत्ति मिलने से पढ़ाई में सहयोग मिलेगा और वे उच्च शिक्षा के जरिए आगे बढ़ना चाहते हैं। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि आगे भी ऐसे कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय विद्यार्थियों को लाभ पहुँचाने का प्रयास जारी रहेगा।
स्रोत: अमर उजाला

