लखनऊ विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय प्रकोष्ठ ने विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर "विश्व भाषा के रूप में हिंदी" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला और संगोष्ठी का आयोजन किया।
विश्व हिन्दी दिवस : लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्याशाला, कुलपति बोले- हिंदी को वैश्विक भाषा बनाने में सबका प्रयास जरूरी
Jan 10, 2025 21:49
Jan 10, 2025 21:49
वैश्विक परिवेश में हिंदी विश्व भाषा
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा, हिंदी भाषा हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है। संस्कृत से उत्पन्न यह भाषा 'वसुधैव कुटुंबकम' के सिद्धांत को आत्मसात कर मानवता के आदर्शों का प्रसार कर रही है। वर्तमान वैश्विक परिवेश में हिंदी का विश्व भाषा बनना संभव है, और इसके लिए हमें मिलकर प्रयास करना चाहिए।
राजभाषा स्वरूप-भाषाई सरलीकरण पर विशेष ध्यान
इस कार्यशाला में श्रीलंका, अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, थाईलैंड सहित अन्य देशों के छात्रों ने भाग लिया। उन्होंने हिंदी के वैश्विक प्रचार-प्रसार, इसके महत्व, चुनौतियों, और अवसरों पर गहन चर्चा की। संगोष्ठी में हिंदी भाषा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्यक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया गया। अंतर्राष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. रविंद्र प्रताप सिंह ने कहा, हिंदी को विश्व भाषा बनाने के लिए इसके राजभाषा स्वरूप और भाषाई सरलीकरण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
इन प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रमुख प्रतिभागियों में आनंद अबेसुन्दरा, अक्षय भारद्वाज, नीतीश कुमार सिंह, धर्मेंद्र भारद्वाज, रोहित यादव, अदिति कुमार, पूर्णिमा पुष्पा, सहारमल सहार, शेकिब लोदिन, अभिषेक कुमार गुप्ता, सिबोसिसो, मरवान अलकोज़ई, एहसान उल्लाह हिम्मत, और मल्लिका शुक्ला शामिल थे।
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