मथुरा। वृंदावन के केली कुंज धाम से जुड़े लापता युवाओं के मामलों की पुलिस ने जांच तेज कर दी है। परिजन कह रहे हैं कि सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद महाराज के वीडियो देखकर उनके बच्चे धाम पहुंचे और वापस नहीं लौटे।
पुलिस की कार्रवाई में पहले हाथरस का 16 वर्षीय अनुज बरामद हुआ। परिजन का कहना है कि अनुज 27 जून को वृंदावन आया था और दीक्षा लेने के बाद घर वापस नहीं लौटा। पुलिस ने शनिवार को उसे बरसाना के लाडली दास आश्रम से तलाश कर kelu।
बरामदगी और पहचान
जांच में पता चला कि अनुज करीब 15 दिनों से आश्रम में रह रहा था। अधिकारियों ने बताया कि वह चोला पहनता था और पहचान छिपाने के लिए बाल भी कटवा चुका था। बरामद के बाद पुलिस ने उसे उसके परिवार के हवाले कर दिया।
इसी जांच के दौरान कासगंज का 16 वर्षीय मयंक उर्फ मनु भी मिला। परिवार ने कहा कि मयंक ने सोशल मीडिया पर संत के वीडियो देखकर ट्रेन से मथुरा आना तय किया था। पुलिस ने मयंक को प्रयागराज में ढूँढ निकाला और वीडियो कॉल के जरिए परिजनों से मिलवाकर पहचान की पुष्टि करवाई। अब उसे परिवार के सुपुर्द किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
केली कुंज धाम के बाहर कई परिजन शिकायत लेकर पहुंचे हैं। एक परिवार ने धाम के बाहर प्रदर्शन भी किया था और बच्चे की बरामदगी की मांग की। ऐसे ही कई मामले पुलिस की चौकसी में आए हैं और अलग-अलग सूचनाओं की जांच जारी है।
इसी क्रम में महाराष्ट्र की एक महिला भी अपने बेटे की खोज के लिए आई। उसने कहा कि पहले धाम ने बच्चे की पहचान बताई थी, फिर मानने से इनकार कर दिया। फिलहाल उसका बेटा नहीं मिला है।
अगला कदम
नोएडा से एक पिता अपनी 37 वर्षीय बेटी की तलाश में वृंदावन पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि बेटी ने कहा था वह केली कुंज धाम जा रही है, लेकिन लौटकर नहीं आई। इस मामले में अभी तक कोई प्रति शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस ने कहा है कि सभी मिली-सुनी रिपोर्टों की पड़ताल की जा रही है और बरामद युवाओं को परिवारों से मिलाया जा रहा है।
स्रोत: TV9 भारतवर्ष

