मऊ। शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिले की चारों तहसीलों में फरियादियों की भीड़ रही और अधिकारी उनकी शिकायतें सुनकर निस्तारण के प्रयास में लगे रहे। दरअसल वे ही समय लेखपाल तहसील परिसरों के बाहर अपनी आठ सूत्री मांगों के साथ धरना‑प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे थे।
समारोह के दौरान कुल 301 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए जिनमें से 29 का मौके पर निस्तारण किया गया। 27 मामलों के समाधान के लिए जांच टीमें गठित कर संबंधित स्थानों पर भेजी गईं। सदर तहसील में सबसे अधिक 111 शिकायतें दर्ज हुईं।
शिकायतों का विवरण
प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक 62 केस राजस्व विभाग से संबंधित थे। पुलिस विभाग से 18 शिकायतें आईं जबकि विकास विभाग से 11 शिकायतें दर्ज हुईं। बाकी शिकायतें अन्य विभागों से जुड़ी थीं। सदर तहसील में 11 मामलों का मौके पर निस्तारण हुआ और नौ मामलों के लिए संयुक्त टीमें भेजी गईं।
घोसी तहसील सभागार में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी तथा अशोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में 62 फरियादियों की सुनवाई हुई। वहां मौके पर छह समस्याओं को सुलझाया गया। घोसी से मिली 33 शिकायतें राजस्व, 18 पुलिस, छह ब्लॉक, एक नगर पंचायत व चार अन्य विभागों से जुड़ी थीं।
मुहम्मदाबाद गोहना तहसील की सुनवाई अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार ने की, जहां 63 शिकायतपत्र पहुंचे और चार का निस्तारण हुआ; सात मामलों के लिए टीमें भेजी गईं। मधुबन तहसील में सीडीओ विवेक कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में 65 प्रार्थनापत्र पड़े जिनमें आठ का तुरंत निस्तारण हुआ और छह मामलों की जांच के लिए टीमें भेजीं गईं।
लेखपालों की मांगें और शिकायतें
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपालों ने तहसील परिसरों में बहिर्मुख कार्यक्रम किया और आठ सूत्री मांगें रखीं। मांगों में करीब 10 वर्षों से लंबित 2800 ग्रेड पे व वेतन विसंगति का समाधान, अंतर मंडलीय स्थानांतरण की समस्या, पिछले दो वर्षों से पदोन्नति सूची न आना और करीब 16 वर्षों से भत्तों में वृद्धि न होना शामिल है। लेखपालों ने लैपटॉप व मोबाइल न मिलने और तकनीकी कार्यभार बढ़ने पर भी आपत्ति जताई।
फरियादियों ने स्थानीय समस्याओं पर भी जोर दिया। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष इंतेखाब आलम के नेतृत्व में कुछ कार्यकर्ताओं ने फोरलेन निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा का मुद्दा उठाया और जल्द निर्माण की मांग दोहराई। अन्य शिकायतों में नलकूप रिबोरिंग, खोर भूमि का सीमांकन और आय व निवास प्रमाणपत्र न मिलने जैसी व्यक्तिगत मांगें रहीं।
स्रोत: अमर उजाला

