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मुज़फ्फरनगर: 26 साल पुरानी हत्या में 7 आरोपियों को उम्रकैद, हर आरोपी पर 1.8 लाख जुर्माना

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया; जुर्माने का 25% घायलों, 25% वादी और 50% राज्य को दिया जाएगा, बचाव हाईकोर्ट जाने की तैयारी में।

मुज़फ्फरनगर: 26 साल पुरानी हत्या में 7 आरोपियों को उम्रकैद, हर आरोपी पर 1.8 लाख जुर्माना
फोटो: अमर उजाला

मुज़फ्फरनगर। धीराहेड़ी गांव में 26 साल पुरानी प्रधान पद के चुनाव से जुड़ी रंजिश में हुई हत्या के आजीवन कारावास का फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-1 ने सुनाया। पीठासीन अधिकारी ज्योत्सना सिंह ने सात दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 1.8 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया।

अदालत ने तय किया कि अर्थदंड का 25 प्रतिशत घायलों को, 25 प्रतिशत मुकदमे के वादी को और बाकी 50 प्रतिशत राज्य सरकार को दिया जाएगा। अभियोजन ने कुल 11 गवाह पेश किए थे। बचाव पक्ष ने फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है।

मुकदमे का पिछला घटनाक्रम

मामला जून 2000 के चुनाव के दौरान पैदा हुई रंजिश से जुड़ा है। उस चुनाव में धीराहेड़ी के मजरा महमूदपुर माजरा की सुमन प्रधान चुनी गईं थीं, जबकि हरवीरी हार गई थीं। विवाद के चलते दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।

वादि जसवीर सिंह ने 20 सितंबर 2000 को भोपा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि जयविंद्र, रूपक और गौतम स्कूल से घर लौटते समय गांव में पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने रूपक और गौतम को पकड़कर घर में बंद कर दिया। जयविंद्र भागकर घर पहुंचा और परिजन घटनास्थल पर पहुँचे तो हमलावरों ने फायरिंग कर दी। इस घटना में रविंद्र घायल हुए और बाद में जिला अस्पताल से मेरठ रेफर करते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने धीराहेड़ी के धूम सिंह, उनके बेटे गुलवीर व ओमवीर समेत अनिल, रविंद्र, नवाब, संजीव, पंकज, प्रीतम और बसंत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। ट्रायल के दौरान मुख्य आरोपी धूम सिंह की मौत हो गई। उसके दोनों बेटों गुलवीर और ओमवीर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया था।

मामले की जद में रहे गांव में सामाजिक समझौते की कई कोशिशें भी हुईं। किसान नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत और सपा के सांसद हरेंद्र मलिक ने कुल 15 बार पंचायत कर समझौता कराने का प्रयास किया, पर दोनों पक्ष सहमति पर नहीं आ पाए। विवाद के बाद यहां पांच साल तक सुरक्षा बनी रही और पीएसी तैनात की गई थी।

अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अरुण कुमार जावला व वादी के अधिवक्ता अनोद बालियान ने बताया कि सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता कंवरपाल सैनी ने कहा कि फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी।

स्रोत: अमर उजाला

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Alok Kumar

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कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।