मुज़फ्फरनगर। मौसम में बदलाव जारी है। शनिवार रातभर रुक‑रुककर बारिश हुई और रविवार को भी बूंदाबांदी दर्ज की गई। जिले में कुल 25.4 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई और तापमान लुढ़ककर 22.8 डिग्री पर पहुंच गया।
गन्ना शोध संस्थान के मौसम पर्यवेक्षक केशव कुमार ने बताया कि रविवार शाम पांच बजे तक की बारिश रिकॉर्ड की गई है। पिछले दो दिन मिलाकर अब तक 40.4 मिमी बरसात हो चुकी है। तीन दिन में तापमान में कुल 7.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।
बारिश का असर
बारिश के कारण आम जनजीवन अस्त‑व्यस्त रहा। बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही। हरसौली, पीनना, भोपा समेत अन्य क्षेत्रों में कोल्हू का संचालन रोक देना पड़ा। ईंधन गीला होने से कोल्हू प्रभावित हुए और काम ठप रहा।
भोपा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में निचले हिस्सों और मुख्य रास्तों पर जलभराव की समस्या बन गई है। कई जगह पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई और छोटे‑बड़े दुकानों पर असर दिखा।
चित्तौड़ा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. यशपाल सिंह ने कहा, “बारिश के साथ हवा से गन्ने की फसल को नुकसान हो सकता है। खेतों में पानी भरने से चारे की फसल को नुकसान होता है। किसानों को जलनिकासी पर ध्यान देना चाहिए।”
किसानों के लिए निर्देश
जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों को प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति होने पर 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को नुकसान की सूचना देना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि प्रभावित किसान टोल‑फ्री नंबर 14447 पर फोन कर फसल क्षति की सूचना दे सकते हैं।
इसके अलावा किसान किसान क्रॉप इंश्योरेंस एप के माध्यम से स्वयं भी फसल में हुए नुकसान की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं। अधिकारियों ने किसान से शीघ्र शिकायत दर्ज कराएँ जाने की सलाह दी है ताकि बीमा दावा प्रक्रिया शुरू की जा सके।
स्रोत: अमर उजाला

